हार्दिक पांड्या ने तोड़ी कपिल-स्टोक्स के साथ तुलना पर चुप्पी

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कपिल देव और बेन स्टोक्स नहीं मैं हार्दिक पांड्या बनना चाहता हूं… 

कपिल देव और बेन स्टोक्स नहीं मैं हार्दिक पांड्या बनना चाहता हूं…

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर खिलाड़ी हार्दिक पांड्या ने 2015 में आईपीएल डेब्यू करते ही अच्छा प्रदर्शन करते हुए 2016 में टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर तीनों फॉर्मेट में अपनी जगह पक्की कर ली. खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आंकड़ों को काफी आकर्षक बनाया है. ऑलराउंडर हार्दिक की तुलना कपिल देव व बेन स्टोक्स के साथ की जाती है. इसपर अब हार्दिक ने चुप्पी तेड़ते हुए कहा है कि वह हार्दिक ही बनना चाहते हैं.

‘मैं हार्दिक पांड्या बनना चाहता हूं…’

हार्दिक पांड्या

असल में विश्व कप के बाद मिले ब्रेक के बाद, खिलाड़ी ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज खेली थी. लेकिन कमर के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत के बाद लंदन में उनकी सर्जरी कराई है. अब वह टीम इंडिया में वापसी के लिए तैयार हैं. इससे पहले हार्दिक ने इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में कहा,

मेरे लिए सबसे जरूरी चीज हैं, कि मैं जिस भी टीम के लिए खेलूं वह जीते. हां, मेरी तुलना कपिल देव व बेन स्टोक्स के साथ की जाती है. लेकिन मैं खुद को उस तरह नहीं देखता. मैं सिर्फ अपना बेस्ट देना चाहता हूं.

मैं अपना 100 प्रतिशत देता हूं. मैं पूरी कोशिश करता हूं कि मेरी टीम जीते. फिर चाहें मेरे 10 रन बनाने पर टीम जीते तो मैं खुश होता हूं और अगर मेरे 30 रन बनाने पर भी मेरी टीम हारती है तो मैं दुख होता है… मैं बस हार्दिक पांड्या बनना चाहता हूं.

इंजरी से रिकवरी करना होता है मुश्किल

हार्दिक पांड्या

हार्दिक पांड्या को विश्व कप के दौरान कमर के निचले हिस्से में तकलीफ से जूंझते देखा गया था. जिसके बाद उन्हें कुछ वक्त का ब्रेक दिया गया था. हार्दिक ने अगस्त में साउथ अफ्रीका दौरे पर टीम इंडिया के साथ टी20 सीरीज खेलने के बाद फिर तकलीफ हुई और लंदन में उनकी सर्जरी हुई. अब वह फिट होकर टीम में वापसी करने के लिए तैयार हैं. आगामी टी20 विश्व कप के लिए हार्दिक अहम खिलाड़ी हैं. हार्दिक ने अपनी रिकवरी के बारे में कहा,

रिकवरी शानदार रही है. वास्तव में हम जो उम्मीद कर रहे थे उससे अधिक तेजी से ठीक हो रही है. किस्मत से, इसलिए मैं काफी खुश हूं. एक बार जब आप इंजर्ड होते हैं तो खुद को मोटिवेट करना काफी मुश्किल होता है क्योंकि आप 100 नहीं दे सकते.

आपके शरीर का उपयोग 100 प्रतिशत देने के लिए किया गया था लेकिन एक बार जब आपका शरीर इंजर्ड होता है, तो आपको 200 प्रतिशत देना शुरू करना होता है. यही हम पर केंद्रित है. आप जानते हैं, यह आसान नहीं है, लेकिन मैं मजबूत हो रहा हूं.

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