Hardik Pandya on Sanju-Umran said Ye meri team hai mujhe jo theek lagega

न्यूजीलैंड और भारत (NZ vs IND) के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला मैकलीन पार्क, नेपियर में खेला गया जहाँ यह मैच बारिश की वजह टाई हो गया जबकि भारत ने सीरीज को 1-0 से अपने नाम किया। मैच के बाद टीम के कप्तान हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) मीडिया से मुखातिब हुए और इस दौरान उन्होंने इस बात का खुलासा किया कि आखिर क्यों प्लेइंग 11 में संजू सैमसन और उमरान मलिक को जगह नहीं दी गई ?

बता दें कि इस मैच में न्यूजीलैंड के कप्तान टिम साउथी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। पहले बल्लेबाजी करते हुए, कीवी टीम डेवोन कोनवे और ग्लेन फिलिप्स की अर्धशतकीय पारी के दम पर 19.4 ओवर 160 रनों पर ढेर हो गई और भारत को जीत के लिए 161 रनों का लक्ष्य दिया। इसके जवाब में भारत ने 9 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 75 रन बनाए।

इस वजह से संजू और उमरान को नहीं मिला मौका

sanju samson

न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू सैमसन और उमरान मलिक को मौका नहीं दिया गया। पूरी सीरीज में वो बेंच पर बैठे नजर आए। अब हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) ने खुद बताया कि क्यों इन दोनों को मौका नहीं मिला ?

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा,

”अगर ये बड़ी सीरीज होती और तीन मैच नहीं होते तो हम उन्हें मौका दे सकते थे लेकिन मैं छोटी सीरीज में ज्यादा बदलाव में विश्वास नहीं करता और आगे भी मैं इसी पर चलूँगा। ऐसी स्थिति को संभालना मुश्किल नहीं है जहां खिलाड़ी सुरक्षा महसूस करते हैं। मैं सभी खिलाड़ियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध साझा करता हूं और जिन खिलाड़ियों को मैं नहीं चुन सकता हूं, कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है और यहां तक ​​कि वे इसे जानते हैं। टीम संयोजन के कारण मैं उन्हें चुन नहीं सकता। मैं सबके लिए काम करने वाला इंसान हूं और अगर किसी को ऐसा लगता है तो मेरे दरवाजे हमेशा खुले हैं और मेरे साथ बात करेंगे। मैं उनकी भावनाओं को समझता हूं। “

संजू को लेकर उन्होंने आगे कहा,

”संजू सैमसन का मामला दुर्भाग्यपूर्ण है। हमें उन्हें मौका देना चाहते थे लेकिन रणनीति की वजह से उन्हें बाहर बैठना पड़ा। मैं समझ सकता हूं कि वह भारत के लिए लगातार बेंच पर हैं। यह मुश्किल है। मैं उनसे बात करता हूं, यह नहीं खेलने के लिए कोई सांत्वना नहीं है, लेकिन साथ ही स्वस्थ वातावरण बनाए रखना जरूरी है।”

हार्दिक ने यह भी कहा,

”अगर खिलाड़ियों को बुरा लग रहा है, तो वे आ सकते हैं और मुझसे या कोच से बात कर सकते हैं। अगर मैं कप्तान बना रहता हूं, तो मुझे नहीं लगता कि यह कोई मुद्दा होगा। मेरा व्यवहार और स्वभाव यह सुनिश्चित करता है कि हम एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।”

किसी के बोलने से हार्दिक को नहीं पड़ता है फर्क

Hardik Pandya

गौरतलब है कि तीसरा टी20 मैच टाई होने के बाद हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) ने यह भी कहा कि बाहर क्या हो रहा है, उन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता है।

उन्होंने कहा,

” पहली बात तो बाहर कौन क्या बोल रहा है उससे इस लेवल पर फर्क नहीं पड़ता। ये मेरी टीम है। हेड कोच और मुझे जो ठीक लगेगा, जो साइड हमें चाहिए होगा उसे हम खिलाएंगे। बहुत समय है। सबको मौका मिलेगा और जब मौका मिलेगा लंबा मिलेगा।”

बता दें कि हार्दिक ने यह भी बताया कि टीम में उन्हें छठा गेंदबाजी विकल्प चाहिए था और यही कारण है कि उन्होंने दीपक हुड्डा से गेंदबाजी करवाई और खुद गेंदबाजी नहीं की।