सफल होने के बाद छल्का हार्दिक पंड्या का दर्द, इस वजह से छोड़ दी थी 9वीं क्लास में स्कूल

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…. तो इस कारण मात्र 9वीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ने पर मजबुर हो गये थे हार्दिक पंड्या 

…. तो इस कारण मात्र 9वीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ने पर मजबुर हो गये थे हार्दिक पंड्या

मौजूदा समय में टीम के ऑल राउंडर हार्दिक पंड्या का नाम सभी की जुबान पर सुनने को मिलता रहता हैं और ऐसा भी क्यों ना.. टेस्ट हो, वनडे हो या फिर टी ट्वेंटी हर एक फॉर्मेट में हार्दिक पंड्या टीम इंडिया के सबसे अहम खिलाड़ी बनकर सभी के सामने आ रहे हैं.

क्रिकेट के कई जानकारों की माने तो मौजूदा समय में टीम इंडिया की कल्पना हार्दिक पंड्या के बिना करना बहुत ही ज्यादा मुश्किल और नामुमकिन सा हैं.

9वीं के बाद ही छोड़ा स्कूल 

.... तो इस कारण मात्र 9वीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ने पर मजबुर हो गये थे हार्दिक पंड्या 1

जी हाँ ! यह बात एकदम सही हैं, कि हार्दिक पंड्या ने सिर्फ 9वीं क्लास के बाद ही अपना स्कूल छोड़ दिया था और वह सिर्फ 9वीं कक्षा तक ही पढ़ाई कर सके. इस बात का खुलासा और किसी ने नहीं, बल्कि स्वयं हार्दिक ने अपने एक ताजा बयान में किया. शुक्रवार, 27 अक्टूबर को एक मीडिया से चैनल से बात करते हुए हार्दिक पंड्या ने कहा, कि

”मैं एक बड़े स्कूल में पढ़ा करता था और एक समय ऐसा भी आया जब हम उस स्कूल की फीस नहीं दे सकते थे. स्कूल वालो ने मुझे कहा, कि अगर मैं अंडर- 16 की टीम में अच्छा प्रदर्शन करूंगा, तो मेरी सारी फीस माफ़ कर दी जाएँगी. स्कूल वालो ने मुझे यह भी कहा, कि मैं सिर्फ अपने खेल पर ध्यान दू और अगर मैं अच्छा खेला तो परीक्षा में भी पास कर दिया जायेंगा और पढ़ाई भी फ्री कर दी जाएँगी. 

मगर स्कूल टूर्नामेंट के पहले राउंड में ही हमारी टीम बाहर हो गयी थी और उसके बाद स्कूल वालों ने भी अपना रुख बदल दिया और मुझसे फीस मांगने लगे.”

आर्थिक हालत नहीं थी बेहतर 

.... तो इस कारण मात्र 9वीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ने पर मजबुर हो गये थे हार्दिक पंड्या 2

ऑल राउंडर हार्दिक पंड्या ने अपनी बात को आगे जारी रखते हुए कहा, कि

”वह एक प्रीमियरी स्कूल था और फीस बहुत ही ज्यादा. उस वक़्त हमारे घर की आर्थिक हालत सही नहीं थी. स्कूल वालों ने कहा, कि अगर मैं फीस नहीं भरूँगा तो मुझे क्लास में नहीं बैठने देंगे.”

हार्दिक पंड्या ने आगे कहा, कि

”हमने एक साल तक इंतजार किया पर उन्होंने मुझे अगली क्लास में भेजने से इंकार कर दिया, इसलिए मैंने स्कूल छोड़ना बेहतर समझा. मैं स्कूल का नाम बताना चाहता हूँ, लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकता. एक क्रिकेटर होने के नाते किसी का भी मुफ्त में प्रचार नहीं कर सकता.”

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