हरमनप्रीत कौर ने खोला वो राज आखिर जब हुई थी दीप्ती पर गुस्सा तो क्या हुई थी दोनों के बीच मैदान पर बात | Sportzwiki Hindi

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हरमनप्रीत कौर ने खोला वो राज आखिर जब हुई थी दीप्ती पर गुस्सा तो क्या हुई थी दोनों के बीच मैदान पर बात 

हरमनप्रीत कौर ने खोला वो राज आखिर जब हुई थी दीप्ती पर गुस्सा तो क्या हुई थी दोनों के बीच मैदान पर बात

हरमनप्रीत कौर का नाम अभी तक शायद ही कुछ ज्यादा लोग जानते हो, लेकिन आज हरमनप्रीत किसी पहचान की मोहताज नही हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धारदार 171 रन बनाने वाली हरमनप्रीत कौर का नाम सबकी जुबान पर है. हरमनप्रीत की पारी ने ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों के हौसले को पस्त कर कर दिया. उन्होंने मैदान के चारो ओर शॉट खेले. एक बारी ऐसा लगा मानो ये मैच लाइव न होकर के केवल मैच की हाइलाइट्स दिखाई जा रही है.

साझेदारी में दीप्ति का योगदान मात्र 25 –

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भारत एक समय संकट में फसा था. जब उसने अपने 3 विकेट मात्र 35 रन पर गवां दिए थे. ऐसे में चौथे विकेट के लिए दीप्ति शर्मा और हरमनप्रीत कौर ने मोर्चा संभाला और चौथे विकेट के लिए 137 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी करी और टीम को संकट से उबारा. हलांकि यह भी मजेदार है की 137 रनों में दीप्ति शर्मा का योगदान मात्र 25 रनों का रहा, लेकिन यदि गेम के लिहाज से देखा जाए तो, शर्मा का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि उन्होंने दूसरे छोर पर विकेट को रोक कर रखा. और हरमनप्रीत कौर पर दबाव नही आने दिया.

दीप्ति शर्मा से क्या कहा-

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‘एक ऐसा समय भी आया जिसमे दीप्ति का विकेट गिर सकता था. मैंने कहा तुम केवल स्ट्राइक चेज करती रहो और दीप्ति ने मेरा बखूबी साथ निभाया.” ये बात हरमनप्रीत ने जीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बताई. दोनों के बीच कुछ तालमेल नही बैठा मगर दीप्ति क्रीज में पहुँचने में सफल हुई. तब हरमनप्रीत ने शर्मा से कहा कितुम बिलकुल भी मारने की कोशिश मत करो. आज मेरे बल्ले पर गेंद आ रही हैं.”

मैंने सोच लिया था कि

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पंजाब की रहने वाली इस क्रिकेटर ने बताया कि- ”मुझे पूरे टूर्नामेंट में बल्लेबाजी का मौका नही मिल पाया था. ऐसे में आज मुझे मौका मिला था और टीम को उबारने की जिम्मेदारी भी. ऐसे में आज मई अपने प को सिद्ध करना चाहती थी और भगवान का शुक्र है कि मै उसमे सफल हुई. आज मैंने केवल यही सोचा था, कि बॉल देखना है और तेजी से हिट करना है. जहां गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी कर रही थी वह मैंने स्ट्राइक रोटेट करने का फैसला किया.”

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