किंग्स XI पंजाब के खराब प्रदर्शन को लेकर दिया विरेंद्र सहवाग ने बड़ा बयान

sagar mhatre / 12 May 2016

किंग्स XI पंजाब टीम के मेंटोर विरेंद्र सहवाग बिग एफएम 92.7 के एक इवेंट के लिए मुंबई आए थे, जहां उन्होंने कुछ सवालों के जवाब दिये, जिसमे पंजाब के खराब प्रदर्शन पर सवाल भी थे. विरेंद्र सहवाग ने विदेशी खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन को दोषी ठहराया है, जो पंजाब के खराब प्रदर्शन की बड़ी वजह है.

पंजाब के खराब फॉर्म पर सहवाग ने कहा, “पंजाब का इस साल का प्रदर्शन कुछ नया नहीं है, ये पिछले साल की तरह है. हम पिछले साल आखिरी नंबर पर थे, और इस बार भी आखिरी पायदान पर है. और हां इस साल कई करीबी मैच रहे. और अगर हम वो मैच जीतते, तो हम पॉइंट टेबल में आगें रहते. उम्मीद है,कि हम अगले साल अच्छी टीम बनाए, और अच्छा प्रदर्शन करे. हमारी टीम में कई युवा खिलाड़ी  है, जैसे मनन वोहरा, गुरकीरत, साहा, अक्षर, संदिप और मैनें उनके साथ काफी समय बिताया है, लेकिन हम निरंतरता से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाये है. और साथ ही हमारे विदेशी खिलाड़ी नाकाम रहे है. मिलर, मैक्सवेल सभी खिलाड़ियों ने निराश किया, जिससे हमारा प्रदर्शन और खराब हुआ.”

मुरली विजय की कप्तानी पर सहवाग ने कहा, “हमने मिलर को हटाकर विजय को कप्तान बनाया, और हमने 2 मैच उनके कप्तानी में जीते. उनके अंदर कप्तानी की काबिलियत है. उम्मीद है, कि वे ये अच्छा प्रदर्शन बाकि बचे मैचों में भी करेंगे. कप्तानी में विजय ने 2 अर्धशतक भी लगाए, उनका प्रदर्शन अच्छा हो रहा है.”

वर्तमान समय में सबसे खतरनाक टी ट्वेंटी खिलाड़ियों पर सहवाग ने कहा, “कई खिलाड़ी है, लेकिन विराट कोहली सबसे बेस्ट है. क्योंकि क्रिस गेल खेल नहीं रहे. एबी डिविलियर्स और डेविड वॉर्नर भी है, लेकिन जिस तरह कोहली रन बना रहे है, और उन्होंने इस आईपीएल में 2 शतक लगाए है, उसको देखते हुए वे बेस्ट है.”

अपने चार साल के बेटे वेदांत पर उन्होंने कहा, “मुझे काफी अच्छा लग रहा है, क्योंकी अब मै क्रिकेट खेल नहीं रहा, इसलिए मै वेदांत के डायपर बदलता हू.” उन्होंने ये बात हँसते हुये कहा.

कमेंट्री के अनुभव पर उन्होंने कहा, “कमेंट्री करना ज्यादा मुश्किल नहीं है. जैसे पहले मै हाथ में बल्ला पकड़ता था, अब माईक पकड़ता हू. कमेंट्री से ज्यादा मुश्किल ड्रैस पहनना है.”

विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर पर उन्होंने कहा, “हमे कभी भी किसी खिलाड़ी की किसी दुसरे खिलाड़ी से तुलना नहीं करना चाहिए. पहले लोग मेरी तुलना विव रिचर्ड्स और सचिन से करते थे, लेकिन वो अलग दौर था, और ये अलग दौर है.”

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