ऋषिकेश कानितकर ने लिया विश्व क्रिकेट से सन्यास

SAGAR MHATRE / 02 July 2015

भारत के पूर्व खिलाडी, ऋषिकेश कानितकर ने क्रिकेट से सन्यास लिया. कानितकर लेफ्टी बल्लेबाज थे, जिन्होंने भारत के लिए 2 टेस्ट और 34 वनडे मैच खेले.

कानितकर को 1998 में पाकिस्तान के खिलाफ सिल्वर जुबिली इंडीपेंडेंस कप के बेस्ट अॉफ थ्री के फाइनल में चौका लगाकर मैच जीतवाने के लिए सभी याद करते है.

कानितकर ज्यादा सफल नहीं रहे भारत के लिए, लेकिन प्रथम श्रेणी में उनके नाम कमाल का रिकॉर्ड है. उनके नाम 8000 से ज्यादा रन रणजी में है और 28 शतक उनके नाम है.

1998 के उस फाइनल मैच में, पाकिस्तान ने 48 ओवर के उस मैच में 314 रन बनाए, और भारत के सामने विश्व रिकॉर्ड लक्ष्य रखा था. सौरव गांगुली और रॉबिन सिंह की दुसरे विकेट के लिए 179 रनों की साझेदारी ने ये मैच भारत के पक्ष में ला खडा किया. लेकिन रॉबिन सिंह के आऊट होते ही भारत के एक के बाद एक विकेट गिरने लगे. आखिरी ओवर में भारत को 9 रन चाहिए थे, और गेंदबाजी सकलैन मुश्ताक कर रहे थे. जब 2 गेंदों में भारत को 3 रन चाहिए थे तब कानितकर ने चौका लगाकर भारत को मैच जितवाया.

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