उसे पा कर खुश हूं जिसे किसी ने हासिल नहीं किया

ians / 31 July 2016

किंग्सटन, 31 जुलाई (आईएएनएस)| टेस्ट क्रिकेट में 18 बार एक पारी में पांच विकेट लेने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के ऑफ स्पिनर इस मुकाम को हासिल कर काफी खुश हैं। उन्होंने कहा है कि जो किसी ने हासिल नहीं किया था उसे अपने नाम कर मैं काफी खुश हूं। अश्विन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट की पहली पार में पांच विकेट हासिल किए। भारत ने मेजबानों को पहली पारी में 196 रनों पर ही ढेर कर दिया था।

दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने एक विकेट के नुकसान पर 126 रन बनाकर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।

पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद अश्विन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा,

“हर कोई यह सोच कर क्रिकेट खेलने की शुरुआत करता है कि एक दिन वह वो हासिल करेगा जो किसी ने नहीं किया। मैं अपने करियर में उस मुकाम पर पहुंच कर काफी खुश हूं जहां दूसरे लोग पहुंचना चाहते थे।”

उन्होंने कहा,

“यह अच्छा है, लेकिन एक बात जो तय है वह है लगातार सुधार करने की कोशिश करना। मेरा मानना है कि बदलाव जरूरी है। यह अच्छा है, लेकिन कल नया दिन होगा और आपको लगातार सुधार करना होगा।”

अश्विन हालांकि मेजबान कप्तान के टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने के फैसले से काफी हैरान दिखे। उन्होंने कहा कि पिच में थोड़ी नमी थी इसलिए पहले गेंदबाजी करना वेस्टइंडीज के लिए अच्छा रहता।

अश्विन ने कहा,

“मैं इस बात से हैरान था कि उन्होंने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। विराट ने भी कहा था कि पिच में थोड़ी नमी है और अगर वह (विराट) टॉस जीतते तो वह भी शायद बल्लेबाजी करते, लेकिन वेस्टइंडीज की टीम को देखकर यह फैसला हैरानी भरा था।”

पहले दिन विपक्षियों पर हावी होने के बाद भी अश्विन का कहना है कि अभी काफी लंबा खेल बाकी है।

उन्होंने कहा,

“मैं ब्लैकवुड द्वारा किए गए जवाबी हमले से हैरान था। उनके खेल ने मैच में संतुलन में ला दिया। हमें मैच में वापसी करने के लिए दो बार विकेट लेनी पड़ी। यह निश्चित ही ऐसा मैच है जहां अनुभवी टीम के पास जीतने के ज्यादा मौके होगें।”

अपने शानदार प्रदर्शन पर बोलते हुए अश्विन ने कहा कि उछाल और गति में परिवर्तन से उन्हें काफी फायदा हुआ।

अश्विन ने कहा

“थोड़े बहुत उछाल और गति में परिवर्तन काफी महत्वपूर्ण था। अधिकतर विकेट स्पिन की बजाए गति में परिवर्तन से मिले। शुरुआत में पिच में नमी और स्पिन थी, लेकिन बाद में गेंद सीधी रहने लगी। गेंद जब पुरानी हो चुकी तो आसानी से बल्ले पर आ रही थी। मेरे हिसाब से उछाल और गति में परिवर्तन ने परेशानी पैदा की।”