मेरा कोई आदर्श नहीं, खुद बनूंगा आदर्श: अवेश खान

vinay mani tripathi / 21 November 2015

पाकिस्तान के खिलाफ पिछले अंडर 19 विश्व कप में 139.8 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले छह फीट दो इंच लंबे अवेश खान का हथियार उनकी गति है और इस युवा तेज गेंदबाज ने शुक्रवार को अंडर 19 ट्राई सीरीज टूर्नामेंट में बांग्लादेश पर भारत की 82 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. इंदौर का यह 18 साल का युवा तेज गेंदबाज अपनी खुद की पहचान बनाना चाहता है.

सॉल्टलेक के जादवपुर यूनिवर्सिटी सेकेंड कैंपस मैदान में कल छह ओवर में चार रन देकर चार विकेट चटकाते हुए भारत को बोनस अंक सहित जीत दिलाने वाले खान ने कहा, ‘‘मैं किसी का नाम नहीं ले सकता, मेरे कई पसंदीदा खिलाड़ी हैं लेकिन कोई आदर्श नहीं है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मध्यम गति की गेंदबाजी मेरा मजबूत पक्ष नहीं है. मैं सिर्फ तेज गति से गेंदबाजी करना चाहता हूं. आज मैं गति को लेकर सुनिश्चित नहीं था क्योंकि यहां इसे मापा नहीं जा रहा लेकिन यूएई में विश्व कप 2014 में पाकिस्तान के खिलाफ मैंने 139.8 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी थी.’’

 

 

इंदौर में भारत के बायें हाथ के बल्लेबाज अमय खुरसिया से क्रिकेट का ककहरा सीखने वाले अवेश अब भारत के महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में सीख रहे हैं जो अंडर 19 टीम के कोच हैं.

 

अवेश स्थानीय स्तर पर खेल चुके अपने पिता से प्रेरित होकर इंदौर कोल्ट्स क्रिकेट क्लब से 14 साल की उम्र में जुड़े जिसके बाद खुरसिया ने राज्य अकादमी में उन्हें अपने साथ जोड़ा.

 

उन्होंने कहा, ‘‘मैं आज जो भी हूं अमय सर की वजह से हूं. उन्होंने मेरा मार्गदर्शन किया और मेरा काफी समर्थन किया.’’

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