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मैं अभी 2-3 साल और खेलना चाहता हूँ वीरेंद्र सहवाग 

भारत के विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग 2015 विश्व कप के लिए 30 संभावितों में जगह न बना पाने के बाद उनके खेल,रिटायर्मेंट के बारे में सम्वादाता के द्वारा वीरेंद्र सहवाग की एक विशेष साक्षात्कार के कुछ अंश प्रस्तुत हैं :

वह अपना खेल कैसे खेल रहे है?

” वाह! मुझे याद दिलाने के लिए धन्यवाद मैं लगभग दो साल से भारत के लिए नही खेल रहा लेकिन मैं अभी भी क्रिकेट खेल रहा हूँ लेकिन मै ज्यादा रन नही बना पा रहा फिर भी मै खुश हूँ मै क्रिकेट का आनंद ले रहा हूँ एक बच्चे की तरह मै क्रिकेट खेलना पसंद करता हूँ मै अभी भी दिल्ली रणजी टीम किंग्स इलेवन पंजाब के लिए क्रिकेट खेल रहा हूँ। मैं अपनी टीमों के लिए अच्छी तरह से खेलने की कोशिश कर रहा हूँ।“

2015 विश्व कप संभावितों से निकाले जाने के बाद क्या वह भारत के लिए कभी नही खेलेंगे?

” यह किसका नुकसान है ? अब मैं खुश हूँ। क्रिकेटर्स टेस्ट मैच में 10,000 रन, 5000 रनों के बारे में चिंतित हैं। मैंने 100 टेस्ट मैच खेले और 8000 रन बनाये और अभी भी क्रिकेट खेल रहा हूँ अपने देश के लिए खेलना सबका सपना होता है और यही मै भी चाहता हूँ मेरे एक साथी खिलाडी ने कहा था भारत के लिए खेलना आसान है लेकिन यहाँ 10 से 15 साल रुकना कठिन है इसलिए मैं अपने सपने को बदल दिया और अपने देश के लिए 100 टेस्ट मैच खेलने के अपने लक्ष्य को हासिल किया। इसलिए मेरे लिए प्राप्त करने के लिए कुछ नहीं है। मैं सिर्फ अपने खेल का आनंद लें रहा हूँ। “

 वह खुद कैसा मह्शुस करते है जब वह वैसे नही खेल पाते है जिसके लिए वह जाने जाते है?

“मेरा दृष्टिकोण हमेशा एक जैसा ही होता है चाहे मै अच्छा परफॉर्म करू या न करू क्यूंकि कोई भी लगातार एक जैसा खेल हमेशा नही दिखा सकता है अगर आप मेरे घरेलू प्रदर्शन पर नजर डालें तो आप देख्नेगे अगर मै स्कोर करता हूँ तो जल्दी नही तो जल्दी आउट हो जाता हूँ (हँसते हुए) मैं अपनी शैली को बदलने की कोशिश कभी नहीं करता मै हमेशा समय के अनुसार खेलता हूँ दिल्ली के हरे विकेट पर रन स्कोर करना बहुत मुश्किल है। यह सही है जैसे आप पुराने होते है आप अनुभवी होते जाते है लेकिन आप अपने अनुभव से हमेशा स्कोर नही कर सकते और यह जरूरी नही है जब भी आप विकेट पर जाये 100 के साथ वापस आये”

उनके रिटायर्ड के बारे में पूछने पर :

” यह सोच कभी मन में नहीं आया,मै अभी भी सोचता हूँ की मै अभी भी दिल्ली या आईपीएल या भारतीय टीम के लिए 2 या 3 साल और खेल सकता हूँ मैं ट्विटर के माध्यम से या बल्किपूरे मीडिया को आमंत्रित करके रिटायरमेंट की घोषणा करूंगा(हस्ते हुए), मैं आज या दो साल के बाद रिटायर होऊ तो इस से कोई फर्क पड़ता है? ऐसा नहीं है कि मेरे जीवन में या टेस्ट क्रिकेट में 8000 या 10,000 रन बनाने से कोई फर्क पड़ता है और न ही किसी और के जीवन में,अगर मै 10000 रन बना दूँ तो कौन खुश हो जायेगा?हो सकता है केवल मै,लोग 8000या 10000 या 15000 रन की प्रवाह नही करते यह केवल आत्मसंतुष्टि के लिए है”

वह एक मध्यमक्रम के बल्लेबाज के रूप में क्यों वापस आना चाहते है?

“मुझे इस से कोई फर्क नही पड़ता मै किस क्रम में बल्लेबाजी कर रहा 2nd या 4th या 5th मै सिर्फ रन बनाने के लिए बल्लेबाजी करता हूँ,मै एक मध्यमक्रम का बल्लेबाज हूँ टीम प्रबंधन ने मुझे पारी का आगाज करने के लिए कहा मैंने किया। फिर वे मुझे मध्यक्रम में खेलने के लिए कहे मैं कर रहा हूँ। “

 वह भारतीय टीम को कितना याद करते है या वे कैसा मह्सुश करते है जब वह टीम में होते है?

“मुझे ड्रेसिंग रूम की याद आती है, लेकिन फिर भी मैं प्रार्थना करता हूँ की वे जो भी मैच खेले जीते,मै अपने बेटो के साथ लड़ने लगता हूँ जब वह कहते है डैड आप नही खेल रहे है तो इण्डिया मैच नही जीतेगी मै उनसे हमेशा कहता हूँ की देश जीतना चाहिए यह जरूरी नही है की कौन खेल रहा है मुझे ड्रेसिंग रूम की याद आती है लेकिन जो दुसरे लोग खेल रहे है और टीम की जीत में अपना योगदान दे रहे है इस चीज से मुझे ख़ुशी होती है”

 मौजूदा भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलिया में अच्छा खेलने की कितनी उम्मीद है जबकि पिछली बार इंग्लैंड सीरीज में उनका परफॉरमेंस बहुत ही खराब रहा है?

“हमारे पास  खिलाड़ियों का एक अच्छा समूह है, हमें उन्हें समय देने की जरूरत है । वे पहली बार ऑस्ट्रेलिया के  दौरे पर हैं जब हमने पहली बार ऑस्ट्रेलिया , इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया था तब हमने भी संघर्ष किया था । मैं भाग्यशाली था कि मैंने अपने पहले ही दौरे में इन देशों के खिलाफ शतक बनाया था।इस टीम को कुछ समय दीजिए और वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे।यह सही नही है की अगर आप अपने शुरूआती मैच में अच्छा प्रदर्शन नही करते है तो आप को टीम से बाहर कर दिया जाये ऐसे बहुत से खिलाडी है जिन्होंने  अपने शुरू के 15 परियो में अच्छा प्रदर्शन नही किया लेकिन वे 100 टेस्ट मैच खेले”

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