विश्व कप में विकेट की बेल्स को लेकर आईसीसी नहीं करेगी कोई बदलाव

Trending News

Blog Post

क्रिकेट

CWC19-कप्तानों की बेल्स न गिरने की शिकायत के बीच आईसीसी ने सुनाया अपना अंतिम फैसला 

CWC19-कप्तानों की बेल्स न गिरने की शिकायत के बीच आईसीसी ने सुनाया अपना अंतिम फैसला

क्रिकेट के मैदान में एक गेंदबाज के लिए जितनी आसानी नहीं होती उससे कहीं ज्यादा बल्लेबाजों को आसानी दी गई ह। आईसीसी के कई नियम देखते हैं जो बल्लेबाजों को ज्यादा मदद करते हैं ऐसे में जब एक गेंदबाज इन सबके बीच पूरी मेहनत के साथ विकेट ले और उसे विकेट नसीब नहीं हो तो गेंदबाज के लिए इससे बड़ा झटका कुछ नहीं हो सकता है।

गेंदबाज कर रहा है विकेट को हिट लेकिन नहीं गिर पा रही हैं बेल्स

ऐसा तब देखने को मिलता है जब एक गेंदबाज पूरी ऊर्जा और अपनी प्रतिभा से गेंदबाजी करें और बल्लेबाज को मिस करता हुआ गेंद विकेट को हिट तो करें लेकिन विकेट पर लगी बेल्स ना गिरे।

वैसे क्रिकेट के खेल में शुरु से ही कभी-कभी ये देखा जाता है जब गेंद विकेट पर लगने के बाद बी बेल्स नहीं गिरती है और बल्लेबाज आउट होने से बच जाता है। लेकिन इन पिछले कुछ सालों में ये काफी बार देखा गया है। क्योंकि मौजूदा समय में एलईडी स्टंप सेट है जिसकी बेल्स बड़ी भारी होती हैं।

इस विश्व कप में 14 मैचों में हो चुका है 5 बार ऐसा

पिछले कुछ सालों में विकेट पर गेंद लगने के बाद बेल्स कई बार नहीं गिरी है। जब हम इस बात को इसी विश्व कप में लागू करें तो इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड की मेजबानी में खेले जा रहे विश्व कप में अब तक 14 मैच खेले गए हैं जिसमें पांच ऐसे मौके बने हैं जब गेंद विकेट पर लगने के बाद भी बेल्स नहीं गिरी है।

फिर क्या, अब तो गेंदबाजों के साथ हो रहे इस अन्याय के खिलाफ टीम के कप्तान भी खड़े हो गए हैं और वो आईसीसी से इसके लिए सही नियम की बात करें लेकिन आईसीसी ने कप्तानों की शिकायत को तो सुना लेकिन इसे खारिज कर दिया।

कप्तानों की हो रही है शिकायत, आईसीसी नहीं लेना चाहता कोई फैसला

आईसीसी ने इस मामले को लेकर कहा कि

“इस स्तर पर इन्हें बदला नहीं जा सकता है। विश्व कप की शुरुआत से पहले सभी टीमों द्वारा खेल की स्थिति पर सहमति व्यक्त की गई थी। अब किसी भी बदलाव का मतलब उसका उल्लंघन होगा। हम क्या कह सकते हैं पिछले कुछ सालों में इस मोर्चे पर कोई बदलाव नहीं हुआ है।”

“2015 विश्व कप में जिंग बेल्स लाए जाने के समय बेल्स का वजन और स्टंप में खांचे की गहरायी बिल्कुल समान थी। 2016 विश्व टी20, 2017 चैंपियंस ट्रॉफी और उसी साल हुए महिला विश्व कप में भी इसका इस्तेमाल किया गया था।  वे अब अलग नहीं हैं।”

आईसीसी की ओर से आगे कहा गया कि

“वजन नहीं बदला है। ऐसा प्रतीत होता है जैसे ये एक संयोग है कि ये कई मैचों में होने लगा है। यहां तक कि आईपीएल और ऑस्ट्रेलिया के बीबीएल में भी इसका उपयोग किया जाता है।”

विराट कोहली ने  कहा, ऐसा नहीं देखना चाहेगी कोई टीम

पिछले मैच में जसप्रीत बुमराह की गेंद पर डेविड वार्नर के भी स्टंप पर गेंद लगने के बाद भी वो आउट नहीं हुए इसको लेकर भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा कि

“ये एक ऐसी चीज है जिसकी आप इंटरनेशनल लेवल पर उम्मीद नहीं करते हैं। मुझे लगता है कि तकनीक महान है लाइट्स आती है और आप जानते हैं कि ये बहुत सटीक है लेकिन आपको शाब्दिक रूप से स्टंप्स को बहुत मुश्किल से खत्म करना होगा। मुझे यकिन है कि कोई भी टीम ये नहीं देखना चाहेगी कि आप एक अच्छी गेंद फेंके और फिर भी उस खिलाड़ी को आउट ना करें।”

फिंच के अनुसार, गेंदबाज की मेहनत हो जाती है बेकार

तो वहीं ऑस्ट्रेलिया के कप्तान एरोन फिंच ने कहा कि

“ये कई बार अनुचित होता है। ऐसा लगता है कि ये ज्यादा से ज्यादा हो रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि आप विश्व कप फाइनल या सेमीफाइनल में ऐसा कुछ देखने से नफरत करते हैं जब एक गेंदबाज के रूप में आपकी कड़ी मेहनत बेकार हो जाती है। लेकिन मुझे यकिन नहीं है कि आप क्या कर सकते हैं मुझे नहीं पता कि वे कितना हल्का बेल्स बना सकते हैं।”

आपको हमारा ये आर्टिकल पसंद आया हो तो प्लीज इसे लाइक करें। अपने दोस्तों तक इस खबर को सबसे पहले पहुंचाने के लिए शेयर करें। साथ ही कोई सुझाव देना चाहे तो प्लीज कमेंट करें। अगर आपने हमारा पेज अब तक लाइक नहीं किया हो तो कृपया इसे जल्दी लाइक करें, जिससे लेटेस्ट अपडेट आप तक पहुंचा सके।

Related posts