सबसे ज्यादा बार आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप गदा जीतने वाली तीन टीमें, देखें किस स्थान पर है भारत 1

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का पहला खिताब जीतने के लिए इस वक्त टीम इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच जंग जारी है. फैन्स उस पल का इंतजार कर रहे हैं जब टीम इंडिया और न्यूजीलैंड में से कोई एक टीम आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीतेगी. आज हम अपने इस आर्टिकल में उन तीन टीमों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने अभी तक सबसे ज्यादा बार आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप गदा को जीता है. तो चलिए नजर डालते हैं उन तीन टीमों पर.

1 -ऑस्ट्रेलिया (9 बार)

आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप गदा

जब आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप गदा को लेकर ऐलान किया गया था, तो उस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम का दबदबा क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में देखने को मिल रहा था. साल 2003 से लेकर 2009 तक लगातार 8 सीजन इस गदा पर ऑस्ट्रेलियाई टीम का कब्जा रहा.

साल 2010 में भारतीय टीम ने उन्हें पछाड़ते हुए इस गदा को अपने नाम किया. लेकिन साल 2016 में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इस गदा पर स्टीव स्मिथ की कप्तानी में एकबार फिर से कब्जा किया, लेकिन वह इस खिताब को अपने पास बरकरार नहीं रख सके.

2 -भारत (7 बार)

आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप गदा

भारतीय टीम ने पहली बार आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप गदा को साल 2009-10 में खत्म हुए सीजन में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में जीता था. इसके बाद टीम ने 2011 में भी टेस्ट क्रिकेट में अपनी बादशाहत को कायम रखते हुए गदा पर कब्जा किया.

साल 2012 में इंग्लैंड की टीम ने रैंकिंग में पहला स्थान हासिल करते हुए भारत से इसे छीन लिया. जिसके बाद भारतीय टीम ने साल 2017 में विराट कोहली की कप्तानी में टेस्ट क्रिकेट में फिर से शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया और अगले 5 सीजन से इसे अपने पास बरकरार रखा हुआ है.

3 -दक्षिण अफ्रीका (3 बार)

आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप गदा

दक्षिण अफ्रीका टीम ने साल 2013 से लेकर 2015 तक टेस्ट क्रिकेट में बाकी टीमों के मुकाबले शानदार प्रदर्शन करते हुए आईसीसी (ICC) टेस्ट चैंपियनशिप गदा को लगातार 3 बार अपने नाम किया था. ग्रीम स्मिथ की कप्तानी में टीम ने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ सीरीज में जीत दर्ज की थी.

दक्षिण अफ्रीका से पहले साल 2012 में यह टेस्ट चैंपियनशिप गदा इंग्लैंड की टीम के पास थी. हालांकि इसके बाद दक्षिण अफ्रीका की टीम को इस गदा पर कब्जा करने का मौका नहीं मिला. हाल ही के कुछ वर्षों में टीम का टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा.