साउथ अफ्रीका के खराब प्रदर्शन पर आइसलैंड क्रिकेट ने बनाया मजाक, कही कुछ ऐसी बात 1

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेली जा रही 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में प्रोटियाज का निराशाजनक प्रदर्शन जारी है। 203 रन से पहला मैच गंवाने के बाद अब दूसरे मैच में भी साउथ अफ्रीका की टीम दूसरे मैच में भी हार की कगार पर है। ऐसा इसलिए क्योंकि टीम इंडिया के पहली पारी में 601 रन बनाने के जवाब में 275 रन पर ही ऑलआउट हो गई। दूसरी पारी में भी भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में ही 2 विकेट्स चटका लिए।

कोलपैक पर है साउथ अफ्रीका खिलाड़ियों का ध्यान

साउथ अफ्रीका के निराशाजनक प्रदर्शन पर तंज कसते हुए आइसलैंड क्रिकेट ने अपने ऑफीशियल ट्विटर हैंडिल पर लिखा- देखा जाए तो भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में साउथ अफ्रीकी खिलाड़ी ध्यान नहीं दे पा रहे हैं क्योंकि अब काउंटी के लिए कोलपैक डील साइन करने के लिए सिर्फ 20 दिन ही बचे हैं इसलिए खिलाड़ियों को मैच पर फोकस करने में प्रॉब्लम हो रही है।

साउथ अफ्रीका के खराब प्रदर्शन पर आइसलैंड क्रिकेट ने बनाया मजाक, कही कुछ ऐसी बात 2

जानिए क्या है कोलपैक डील ?

कोलपैक डील साल 2003 में प्रभाव में आई। स्लोवाकिया के हैंडबॉल के खिलाड़ी मारो कोलपाक को जर्मन के क्‍लब से रिलीज कर दिया गया था। कारण बताया गया कि नॉन यूरोपीयन खिलाड़ी के कोटे की सीमा के कारण ये निर्णय लिया गया है। उन्‍हें लगा कि ये उनके साथ अन्‍याय है।

लिहाजा उन्‍होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। यूरोप की अदालत ने उनके पक्ष में फैसला दिया। अदालत ने कहा अगर खिलाड़ी अपने देश के लिए खेलने के अधिकार को छोड़ दे तो वो कोलपैक डील के अंतर्गत यूरोप में खेलने के योग्‍य है। इस डील के तहत खिलाड़ी को खेलने के लिए केवल वर्किंग वीजा चाहिए।

कोलपैक से त्रस्त है साउथ अफ्रीकी टीम

साउथ अफ्रीका के खराब प्रदर्शन पर आइसलैंड क्रिकेट ने बनाया मजाक, कही कुछ ऐसी बात 3

साउथ अफ्रीका की करेंसी इंग्‍लैंड के मुकाबले काफी कमजोर है। साउथ अफ्रीका क्रिकेट अपने खिलाड़ियों को उतना पैसा नहीं दे पाता जितना उन्‍हें इंग्‍लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलने से मिलता है।

करेंसी में ज्‍यादा अंतर होने के कारण इंग्लैंड से मिलने वाले पैसे उनकी करेंसी में काफी अधिक हो जाते हैं। ऐसे में साउथ अफ्रीका के खिलाड़ी अपने देश में खेलने से ज्‍यादा कोलपैक डील के तहत इंग्लिश काउंटी खेलना पसंद करते हैं। जिस कारण साउथ अफ्रीका के पास अच्छे खिलाड़ी नहीं बचते।