ये हैं 11 वो वो विदेशी खिला़डी जो किसी भी टीम के लिए खड़ी कर सकते हैं मुश्किल

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आईपीएल 2019

IPL 2019: ये हैं आईपीएल 2019 के वो 11 विदेशी खिला़डी जो किसी भी अंतरराष्ट्रीय टीम को दे सकते हैं मात 

IPL 2019: ये हैं आईपीएल 2019 के वो 11 विदेशी खिला़डी जो किसी भी अंतरराष्ट्रीय टीम को दे सकते हैं मात

आईपीएल 2019 कई माय़नों में खास था, इस सीजन में शुरुआत से ही रोमांचक मुकाबले देखने को मिले. जिसकी दर्शकों ने आशा की थी. आईसीसी विश्व कप से पहले इस टूर्नामेंट के होने से कुछ विदेशी खिलाड़ी तो इस लीग में भाग नहीं ले सके, लेकिन कुछ खिलाड़ियों ने इस लीग में भाग लिया तो वह पूरे टूर्नामेंट में खेल नहीं सके. वह बीच से ही टूर्नामेंट को छोड़कर स्वदेश चले गए. इसके बावजूद कई विदेशी खिलाड़ियों ने इस लीग में अपने जलवे को बरकरार रखा.

आज हम उन खिलाड़ियों के बारे में बात करेंगे जो इस लीग में बेहतर प्रर्दशन करते हुए आगे बढ़ते चले गए. और अगर इन खिलाड़ियों को मिलाकर कोई टीम बना दें तो वो किसी भी अंतरराष्ट्रीय टीम को मात दे सकती है.

ओपनर बल्लेबाजः

डेविड वार्नरः

डेविड वार्नर आईपीएल इतिहास में सबसे धाकड़ बल्लेबाजों में से एक रहे हैं, उन्होंने किसी भी  टीम के लिए जब-जब खेला है तो उन्होंने 500 के आंकड़े को पार किया है, इसीलिए वह तीन बार ऑरेंज कैप के हकदार बने हैं. SRH के लिए खेलते हुए वार्नर ने हर सीजन में 500 से अधिक रन बनाए हैं. इस सीजन में उन्होंने  12 मैचों में 69.20 के औसत और 143.86 के स्ट्राइक रेट के साथ 692 रन बनाए.

इस दौरान उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ एक शानदार शतक और  8 अर्धशतक लगाएं. डेविड वार्नर ने बतौर कप्तान रहते हुए एसआरएच को आईपीएल खिताब दिलवाया.

जॉनी बैरेस्टो

वार्नर के सलामी जोड़ीदार जॉनी बैरेस्टो ने आईपीएल के अपने पहले सत्र में कहर बरपाया. यह जोड़ी जब तक क्रीज पर रहती तब तक किसी भी टीम के गेंदबाज इनके सामने बौनी साबित हो जाती. लेकिन बीच टूर्नामेंट में ही उनको स्वदेश वापस होना पड़ा. उन्होंने 10 मैचों में 55.62 के औसत और 157.24 के स्ट्राइक रेट से पहले ही 445 रन बनाएं.

मध्यक्रमः

डी कॉक

मध्यक्रम की बात की जाए तो आरसीबी से क्विंटन डी कॉक मध्यक्रम में टीम के लिए रीढ़ की हड्डी साबित हुए, इन्होंने ऑरेंज कैप की दावेदारी में  अपने आपको बनाए रखा और आखिर में वह तीसरे स्थान पर रहें. इस दौरान उन्होंने 529 रन बनाए. वह विकेटकीपर के रुप में इस सीजन में  आसाधारण दिखाई दिए.

एबी डीविलियर्स

वहीं एबी इस बार क्षमता के अनुरुप प्रर्दशन करने में विफल रहें. हालांकि टीम के लिए कुछ मैचों में अकेले दम पर मैच को जीत के मुहाने तक ले गए. एबी ने इस सीजन में 442 रन बनाए.

किरोन पोलार्ड

2018 के सीजन में खराब फार्म से जूझ रहे कीरोन पोलार्ड ने इस सीजन में अच्छा प्रर्दशन किया. पोलार्ड ने इस साल 14 पारियों में 279 रन ही बनाए, लेकिन कुछ मैचों में उन्होंने अकेले दम पर मैच के रुख को बदल दिया. पंजाब के खिलाफ खेली गई 83 रन की पारी जिसने पूरे मैच के रुख को बदलने में मदद की थी.

आलराउंडरः

मोईन अली

Moin completely changed the match: Kohli

मोईन अली ने जब आईपीएल की शुरुआत की तो वह बेहद शांत नजर आए, लेकिन सीजन के आगे बढ़ते- बढ़ते उन्होंने अपने प्रर्दशन में सुधार किया, कुलदीप यादव के खिलाफ 1 ओवर में खेली गई 27 रनों की पारी आकर्षण का केंद्र रही. अली ने 10 पारियों में 220 रन बनाए, इसके साथ ही उन्होंने किफायती गेंदबाजी की. इस सीजन में  अली ने 6 विकेट हासिल किए.

आंद्रे रसेल

दूसरे विदेशी आलराउंडर की बात की जाए तो रसेल इस बार अलग ही अंदाज में दिखाई दिए, उन्होंने इस बार बड़े-बड़े हिट मारे. छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने के बावजूद उन्होंने 510 रन बनाएं, इस दौरान वह ऑरेंज कैप की सूची में पांचवे स्थान पर रहें.

उन्होंने इस सीजन में 52 छ्क्के मारे, और 11 विकेट भी हासिल किए. केकेआर को कई मैचों में रसेल ने अकेले दम पर जीत हासिल करवाई.

निचला क्रम और गेंदबाजः

कगिसो रबाडा

दिल्ली के लिए गेंदबाजी में शानदार शुरुआत करने वाले कगिसो रबाडा अलग ही लय में दिखाई दिए, बुमराह के बाद वह विशिष्ट गेंदबाजों की श्रेणी में आते हैं. उन्होंने इस बार खेले गए 12 मैचों में 25 विकेट हासिल किए.

राशिद खानः

राशिद खान जो कि पिछले सत्र में भी अलग ही लय में दिखाई दिए थे, इस सत्र में भी उन्होंने अलग ही प्रर्दशन किया. 6.28 की औसत से गेंदबाजी कराते हुए राशिद ने इस साल 15 मैचों में 17 विकेट हासिल किए.

इमरान ताहिरः

इमरान ताहिर जो कि आईपीएल में इस सत्र में भी  सफल गेंदबाज के रुप में सामने आये, इस सीजन में उन्होंने 26 विकट लेने के साथ ही पर्पल कैप पर भी धावा बोला.

चेन्नई के विकेटलीडिंग गेंदबाज जिन्होंने गेंदबाजी में वो धार दिखाई कि विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका ही नहीं दिया. 6.69 की इकॉनमी से इन्होंने सीजन में 26 विकेट हासिल किए.

लसिथ मलिंगाः

लसिथ मलिंगा और फाइनल मैच को कौन भूल सकता है, जिसने आखिरी ओवर में 9 रन बचाते हुए टीम को 1 रन से रोमांचक जीत दिला दी, हालांकि इस सीजन में वह क्षमता के अनुरुप प्रर्दशन नहीं कर पाएं, लेकिन उन्होंने इस दौरान 12 मैचों में 16 विकेट हासिल किए.

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