भारत-पाकिस्तान के संबंधों पर खुल कर बोले इमरान खान, कहा ऐसे सुधरेंगे हमारे रिश्ते

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प्रधानमंत्री बनने से पहले ही भारत-पाकिस्तान सम्बन्ध पर खुलकर बोले इमरान खान, कहा ऐसे सुधरेंगे हमारे रिश्ते 

प्रधानमंत्री बनने से पहले ही भारत-पाकिस्तान सम्बन्ध पर खुलकर बोले इमरान खान, कहा ऐसे सुधरेंगे हमारे रिश्ते

भारत और पाकिस्तान के रिश्ते को सुधारने के लिए क्रिकेट की भूमिका की बड़ी चर्चा होती रही है. यह कहा जाता रहा है कि क्रिकेट डिप्लोमेसी के जरिए दोनों देशों के रिश्ते को बेहतर किया जा सकता है. कई बार ऐसी कोशिश भी हुई लेकिन नतीजा सिफर रहा.

वर्ष 2011 के क्रिकेट वर्ल्‍डकप का सेमीफाइनल मैच जब मोहाली में था, तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी मैच देखने खुद यहां पहुंचे थे, हालांकि यह डिप्लोमेसी भी काम नहीं आई थी.

अब जबकि पूर्व कप्‍तान इमरान खान, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, तो सवाल उठ रहा है कि क्या क्रिकेट के रिश्ते बहाल होंगे और इस जरिए आपसी संबंध सुधरेंगे.

पाकिस्‍तान में बुधवार देर रात को आए चुनाव के नतीजों में पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी पाकिस्‍तान तहरीके इंसाफ (PTI) सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है.

इमरान खान का पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री की गद्दी पर बैठना अब लगभग तय है. जीत के बाद उन्‍होंने मीडिया के समक्ष कहा, “भारत और पाकिस्‍तान के बीच रिश्‍तों को सुधारने मेरी प्राथमिकता होगी.”

उन्होंने आगे कहा “भारत और पाकिस्‍तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज होने से दोनों देशों के बीच रिश्‍तों में सुधार में एक सकारात्‍मक शुरुआत होगी.”

वहीं कश्मीर मुद्दे पर इमरान ने कहा कि “भारत और पाकिस्‍तान के बीच कश्‍मीर सबसे बड़ा मुद्दा है. मैं भारत और पाकिस्‍तान के बीच सभी समस्‍याओं को बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास करूंगा.’


पाकिस्तान को संबोधित करते हुए इमरान खान ने ये 5 बड़ी बातें कही

– अगर वे हमारी तरफ एक कदम बढ़ाते हैं तो हम दो कदम बढ़ाएंगे, लेकिन कम से कम शुरुआत होने की जरूरत है. दोनों देशों के बीच कश्मीर मुख्य मुद्दा है और वार्ता के माध्यम से इसका समाधान होना चाहिए.
– हिन्दुस्तान की मीडिया से मुझे निराशा हाथ लगी, मुझे बॉलीवुड के विलेन की तरह बना दिया.
– मैं ऐसा व्यक्ति हूं जो क्रिकेट के कारण भारत के बहुत से लोगों को यकीनन जानता हूं. हम दक्षिण पूर्व एशिया में गरीबी संकट का समाधान कर सकते हैं.
– उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को इसका समाधान करने के लिए वार्ता की मेज पर आना चाहिए. हम भारत के साथ अपने संबंधों को सुधारना चाहते हैं अगर उनका नेतृत्व भी चाहता हो.

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