सुधर जा नहीं तो बर्बाद कर दूंगा तेरा करियर:सचिन तेंदुलकर

nishant / 05 July 2016

रिटायर होने के बाद कई खिलाड़ी अपनी पुरानी बातें सभी को बता देते है, और उन बातों को सुनकर सभी लोग हैरान रह जाते है. आज हम आपको भी एक ऐसी ही घटना बताने जा रहे है, जिसका खुलासा खुद पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने किया है.

बात 1997 की है, सचिन तेंदुलकर उस समय के कप्तान अजहरुद्दीन के मैच फिक्सिंग में पकड़े जाने के बाद नये कप्तान बने थे. 1997 के वेस्टइंडीज दौरे पर सचिन तेंदुलकर भारतीय टीम के कप्तान थे, और वे उस वक्त सभी भारतीय खिलाड़ियों से नाराज थे. दरअसल सचिन अपनी कप्तानी में खुद और अन्य खिलाड़ियों के प्रदर्शन से काफी निराश थे. उस दौरे पर सचिन ने गांगुली को बीच दौरे से घर वापस भेजने की चेतावनी दी थी.

ये वाकया बारबडोस टेस्ट के बाद हुआ था. भारत को उस मैच में 120 रनों का आसान सा लक्ष्य मिला था, और भारतीय टीम इस आसान से लक्ष्य को भी नहीं हासिल कर सकी और सिर्फ 81 रनों पर ढेर हो गयी थी. वेस्टइंडीज ने उस समय वो मैच 38 रनों से जीता था.

गांगुली ने इस बात का खुलासा करते हुए कहा,कि  “उस मैच के बाद सचिन काफी गुस्से में थे, और सभी खिलाड़ियों पर अपना गुस्सा निकाल रहे थे. तब मैने उनसे बात की और कहा मै क्या करू, तो उन्होंने कहा, कल सुबह दौड़ने जाओ.”

गांगुली ने आगे कहा, “मै आपको अब उस घटना के  बारे में बताता हू, जब मै दुसरे दिन सुबह दौड़ने नहीं गया, और ये बात सचिन को पता चली, तब सचिन काफी गुस्सा हुए. सचिन ने मुझे ऐसी भाषा में बात की थी जो मै नहीं बता सकता. सचिन ने कहा था कि, मै तुझे घर भेज दुंगा, अगर तूने अपना रवैया नहीं सुधारा तो तेरा करियर खत्म हो जाएगा. उस बात से मेरे अंदर उतना जोश भर गया कि तबसे मेरा करियर बदल गया. और फिर मुझे उससे बहुत फायदा हुआ.”

यह घटना इस बात का सबूत है, कि गांगुली को महान कप्तान बनाने में सचिन ने अहम भूमिका निभाया था. सचिन ने गांगुली को हर तरह से सपोर्ट किया था, और यही कारण है कि उस समय मैच फिक्सिंग की घटना से पूरी तरह टूट चुकी भारतीय टीम ने कमाल की वापसी किया और 2003 विश्वकप में गांगुली के कप्तानी में फाइनल तक का सफर तय किया.

सचिन और गांगुली ने मिलकर भारत को सचिन, सहवाग, युवराज, गौतम गंभीर और जहीर खान जैसे खिलाड़ी दिए, जिनकी दुनिया आज भी लोहा मानती है.