1978 में हुआ था कुछ ऐसा जिसकी याद दिलाता है बांग्लादेश श्रीलंका के बीच का वाक्य
Connect with us

क्रिकेट

1978 में भारत-पाक के बीच हुआ था कुछ ऐसा जिसकी याद दिलाता है बांग्लादेश श्रीलंका के बीच का वाक्या

बांग्लादेश की तरह 1978 में भारत के साथ भी हुआ था कुछ ऐसा ही

निदहास ट्रॉफी त्रिकोणीय टी-20 सीरीज का आज फाइनल मुकाबला होना वाला है. यह मुकाबला भारत और बांग्लादेश की टीम के बीच होना है. इस मुकाबले कि शुरुआत तीन टीमों से हुई थी. भारत, बांग्लादेश और मेजबान टीम श्रीलंका. भारत ने 4 मैच खेल के 3 मैच जितने के बाद ही अपनी जगह पक्की कर ली थी. तो वहीं बांग्लादेश टीम ने भी श्रीलंका को 2 विकेट से हर कर फाइनल में अपनी जगह बना ली है.

यह सीरीज श्रीलंका के 70वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर खेली जा रही है. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था कि इस सीरीज की असली हकदार श्रीलंका टीम ही बनेगी. पर किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया. बांग्लादेश ने बाज़ी मार ही ली. साथ ही बांग्लादेश ने श्रीलंका के साथ गलत व्यवहार करने पर आईसीसी ने कार्यवाही भी की है.

कप्तान ने लिया अहम फैसला 

ऐसी ही एक घटना भारतीय क्रिकेट के इतिहास की भी है. यह घटना तब की है जब भारतीय टीम के कप्तान बिशन सिंह बेदी ने अपनी टीम को बीच मैच के दौरान ही मैदान से वापस बुला लिया था. जिसके कारण पाकिस्तान टीम को मैच का विजेता घोषित कर दिया गया था.

भारत को करना पड़ा था हार का सामना 

यह घटना साल 1978 की है. तब भारतीय टीम पाकिस्तान दौरे पर गयी थी. पाकिस्तान में भारत ने तीन टेस्ट मैच और तीन वनडे मुकाबले खेले थे. भारत ने इस दौरे पर दोनों मुकाबले खो दिए. बिशन सिंह बेदी की अगुवाई वाली टीम भारत को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था. भारतीय टीम ने 2-0 से टेस्ट सीरीज और 2-1 से वनडे सीरीज खो दी थी.

इस सीरीज में जो भी हुआ वह एकदम बांग्लादेश और श्रीलंका मुकाबले जैसा ही था. इस मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का निर्णय लिया. 40 ओवर के मुकाबले में 205 रन बनाए.

लक्ष्य के पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 37.4 ओवरों में 183 रन 2 विकेट के नुकसान पर बना लिए. इस दौरान पाकिस्तानी तेज़ गेंदबाज़ सरफराज़ नवाज़ भारतीय बल्लेबाज़ों को लगातार बाउंसर फेंके जा रहे थे. इतना ही नहीं सरफराज़ की 38वें ओवर की चारों गेंदे बल्लेबाज़ से दूर भी थी. बार-बार ऐसा करने के बाद भी उन्हें मौजूदा अंपायर्स से कोई चेतावनी नहीं दी गई और ना ही उन गेंदों को वाइड करार दिया गया.

भारतीय टीम में मची खलबली

इस घटना से भारतीय खिलाड़ियों में खलबली मच गई क्योंकि टीम इंडिया इस वक्त जीत के दरवाज़े पर खड़ी थी. अब उसे जीतने के लिए 14 गेंदों में 23 रनों की ज़रूरत थी. तब ही भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी ने कड़ा रूख अपनाते हुए भारतीय बल्लेबाज़ अंशुमन गायकवाड़ को 78 रन और गुंडप्पा विश्वनाथ को 8 रन बनाकर ही मैदान से बाहर बुला लिया.

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Must See

More in क्रिकेट