भारत में तेज गेंदबाजी प्रतिभाओं को तराशने के लिए काम कर रहे एमआरएफ पेस फाउंडेशन में शुक्रवार का दिन यहां के प्रशिक्षुओं के लिए एक यादगार दिन बन गया जब क्रिकेट के मास्टर खिलाड़ी भारत के सचिन तेंदुलकर और ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैकग्रा ने एकसाथ उन्हें खेल की बारीकियां सिखाई।
       
मास्टर ब्लास्टर सचिन ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मैकग्रा के साथ मिलकर एमआरएफ पेस फाउंडेशन अकादमी में तेज गेंदबाजी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे मौजूदा बैच को इस खेल की बारीकियां सिखाई और उनके साथ समय बिताया। फाउंडेशन के मौजूदा निदेशक मैकग्रा ने प्रशिक्षुओं से मास्टर-ब्लास्टर से गेंदबाजी, शारीरिक हाव-भाव, शरीर के मूवमेंट, पिच डाइनैमिक और खेल से जुड़े अन्य सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित किया।
       
इस अवसर पर सचिन ने कहा कि मैकग्रा जैसे दिग्गज गेंदबाज के मार्गदर्शन से भारत को भविष्य के लिए अच्छे तेज गेंदबाज मिलेंगे। उन्होंने कहा कि एमआरएफ फाउंडेशन के इस सत्र का हिस्सा बनना मेरे लिए शानदार अनुभव है। देश में गेंदबाजी प्रतिभाओं को ढूंढने और उन्हें प्रशिक्षित करने की यह एक बहुत असाधारण पहल है।
        
सचिन ने कहा कि अपने उद्देश्य के प्रति समर्पित रहने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रतिबद्धता की जरूरत होती है और मेरा मानना है कि पिछले 27 वर्षों में इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही एमआरएफ पेस फाउंडेशन भारत में ऐसी प्रतिभाओं को ढूंढने का बिल्कुल उपयुक्त प्लेटफॉर्म है, जिन्हें तराशने की जरूरत है।

दिग्गज बल्लेबाज ने कहा कि यह यहां के गेंदबाजों का सौभाग्य है कि उन्हें मैकग्रा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला है, जो दुनिया के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाजों में से एक हैं। मैं फाउंडेशन को भारतीय क्रिकेट में इतना बेहतरीन योगदान देने के लिए बधाई देता हूं।
               
फाउंडेशन के निदेशक मैकग्रॉ ने कहा कि भारत के आइकॉनिक खिलाड़ी सचिन का यहां हमारे बीच उपस्थित होना बड़े सम्मान की बात है। यह न प्रशिक्षुओं के लिए उत्साहजनक है बल्कि अगली पीढ़ी के गेंदबाजों को मार्गदर्शन देने के लिए उनके आने से हम भी बहुत उत्साहित हैं। क्रिकेट एक ऐसा खेल है, जो हमारे दिल के बहुत करीब है और मुझे पूरा भरोसा है कि अकादमी में मौजूद प्रशिक्षु इस खेल में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।
                 
करीब 27 वर्ष पहले स्थापित की गई इस अकादमी के पूर्व प्रशिक्षुओं में क्रिकेट की दुनिया के जाने माने खिलाड़ी जवागल श्रीनाथ, जहीर खान, इरफान पठान, वेंकटेश प्रसाद, आरपी सिंह और मुनाफ पटेल समेत कई नाम शामिल हैं। कुल मिलाकर इन खिलाड़ियों ने ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के विभिन्न प्रारूपों में 2200 से अधिक विकेट लिए हैं और 2007 में दुनिया के पहले ट्वेंटी-20 विश्वकप और उसके बाद 2011 विश्वकप में भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई है।



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