अंडर-19 विश्व कप फाइनल में हुए विवाद पर बोले सचिन तेंदुलकर

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अंडर-19 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में हुए विवाद पर सचिन तेंदुलकर ने तोड़ी चुप्पी, कही ये बात 

अंडर-19 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में हुए विवाद पर सचिन तेंदुलकर ने तोड़ी चुप्पी, कही ये बात
Manchester: Cricket icon Sachin Tendulkar ahead of the 22nd match of 2019 World Cup between India and Pakistan at Old Trafford in Manchester, England on June 16, 2019. (Photo: Surjeet Yadav/IANS)

साउथ अफ्रीका की मेजबानी में खेला गया अंडर-19 विश्व कप 2020 के फाइनल मुकाबले में बांग्लादेश ने भारत को हराकर खिताबी जीत दर्ज की. जीत दर्ज करने के बाद दोनों टीमों के युवा खिलाड़ी आपस में भिड़ गए. इसके चलते आईसीसी ने खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई भी की. मगर युवा खिलाड़ियों के बीच इस तरह के व्यवहार को देखकर हर किसी को निराशा हुई. अब इस वाक्ये पर सचिन तेंदुलकर ने भी अपनी बात रखी है.

सीखना इंसान के चरित्र पर करता है निर्भर

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अंडर-19 विश्व कप में बांग्लादेश ने खिताबी जीत दर्ज की. इसके बाद वह भारतीय खिलाड़ियों के नजदीक आकर जीत सेलिब्रेट कर रहे थे. इसके बाद दोनों ही टीम के खिलाड़ियों के बीच बहस शुरु और वह जल्दी ही धक्का-मुक्की में बदल गई. क्रिकेट को शर्मसार करने वाले इस वाक्ये पर बात करते हुए सचिन ने हिन्दुस्तान टाइम्स से कहा,

‘एक इंसान किसी शख्स को सिखाने की कोशिश कर सकता है लेकिन यह उस शख्स के कैरेक्टर पर भी निर्भर करता है कि वह क्या सीखता है. नाजुक स्थितियों में इंसान को कुछ चीजों पर कंट्रोल करना चाहिए और यह नहीं भूलना चाहिए कि पूरी दुनिया उन्हें देख रही है.

आक्रामकता आपके खेल में होनी चाहिए

अंडर-19 में भारत-बांग्लादेश के खिलाड़ियों के बीच हुए झगड़े को लेकर तमाम खिलाड़ियों ने अपने विचार प्रकट किए हैं. अब सचिन ने आगे इस मुद्दे पर बात करते हुए कहा,

इसलिए मुझे लगता है कि यह ऐसे पल होते हैं जहां कंट्रोल्ड एग्रेशन मदद करता है. खिलाड़ी को आक्रामक होना चाहिए लेकिन बोलना और गलत भाषा का उपयोग करने का मतलब आक्रामकता नहीं है.

आक्रामकता आपके खेल में होनी चाहिए. आप किस तरह से बल्लेबाजी और गेंदबाजी करते हो आक्रामकता इसमें होनी चाहिए जो टीम को मदद करे न कि उसके खिलाफ जाए.

शुरुआत से ही बांग्लादेश कर रहा था स्लेजिंग

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बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों को स्लेज कर रहे थे. यशस्वी जायसवाल ने उनकी इस स्लेजिंग का सामना करते हुए बड़ी पारी खेली. मगर खेल खत्म होने के बाद बांग्लादेशी खिलाड़ियों का जश्न मनाने का तरीका भी काफी अजीब था.

वह भारतीय खिलाड़ियों के नजदीक आकर अपना जश्न मना रहे थे. इसपर भारतीय खिलाड़ियों को भी गुस्सा आ गया और दोनों टीमों के बीच मैदान पर भी कहा सुनी शुरु हो गई. जो धीरे-धीरे झगड़े में बदल गई. इस निराशानजक हरकत के बाद कप्तान अकबर अली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान माफी भी मांगी थी. हालांकि आईसीसी ने साफ-सुथरी छवि वाले खेल में ऐसे शर्मनाक प्रदर्शन के लिए 2 भारतीय व 3 बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर कार्रवाई की.

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