जोस बटलर

इंग्लैंड को भारत दौरे की शुरुआत चार मैचों की टेस्ट सीरीज के साथ करनी है। दोनों ही टीमों के खिलाड़ी सीरीज को लेकर काफी उत्साहित हैं। अब इंग्लैंड के विकेटकीपर-बल्लेबाज जोस बटलर ने इस बात को स्वीकार किया है कि भारत को उसकी सरजमीं पर चुनौती देना रोमांचक होने वाला है और साथ ही उन्होंने 2012 में एलिस्टर कुक की कप्तानी में जो टीम भारत दौरे पर आई थी, उसे सर्वश्रेष्ठ टीम करार दिया है।

भारत को उसकी सरजमीं पर चुनौती देना होगा रोमांचक

जोस बटलर

इंग्लैड क्रिकेट टीम के मौजूदा कप्तान जो रूट ने 2012 में एलिस्टर कुक की कप्तानी में खेले गए नागपुर यानि आखिरी टेस्ट मैच में डेब्यू किया था। अब इंग्लैंड के विकेटकीपर-बल्लेबाज जोस बटलर ने सीरीज शुरु होने से पहले 2012 में भारत दौरे पर आई उस टीम को इंग्लैंड की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक बताया है। साथ ही उनका मानना है कि जो रूट की ये टीम अब उसकी राह पर आगे बढ़ रही है। बटलर ने शनिवार को आनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में कहा,

“जो ने उस दौरे पर पदार्पण किया था और उसकी अच्छी यादें और सीख है जिसने हमें सफल बनाया। वह इंग्लैंड की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक थी, काफी शानदार खिलाड़ी। यह टीम सफर के मामले में अलग चरण पर है लेकिन निश्चित तौर पर उस बिंदू की ओर बढ़ रही है। दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम के खिलाफ उनकी सरजमीं पर चुनौती को स्वीकार करने का रोमांचक समय।”

बनाने होंगे 600-650 रन

भारतीय क्रिकेट टीम को उसकी सरजमीं पर हराना किसी भी विपक्षी टीम के लिए बेहद  मुश्किल काम है। यहां शुरुआती दो दिन बल्लेबाजी के लिए अच्छे माने जाते हैं और स्पिन गेंदबाजों को भी मदद मिलती है। अब ऐसे में जोस बटलर ने इस बात की तरकीब खोज ली है और उनका मानना है कि भारत में 600 से 650 रन का स्कोर अच्छा होगा। जोस बटलर ने कहा,

“यह हालात से सामंजस्य बैठाना और उसके अनुसार खेलना है। इंग्लैंड के गेंद सीम और स्विंग करती है। उदाहरण के लिए पहली पारी में 300 रन का स्कोर बड़ा हो सकता है और अगर आप भारत में खेल रहे हो तो हम पहले दो दिन शानदार बल्लेबाजी विकेट पर खेलते हैं, अच्छा स्कोर 600-650 तक हो सकता है।”

जो रूट ने किया है साबित

इंग्लैंड के कप्तान जो रूट

इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान जो रूट ने हाल ही में संपन्न हुए श्रीलंका दौरे पर शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने पहले मैच में दोहरा शतक लगाया और दूसरे मैच में 186 रनों की लाजवाब पारी खेली थी और श्रीलंका को क्लीन स्वीप करने में अहम भूमिका निभाई थी। बटलर ने कहा,

“जो रूट इसके उदाहरण हैं और उन्होंने हमारे लिए श्रीलंका में ऐसा किया, दोहरा शतक जड़ा और 180 रन की पारी खेली। उन्होंने दर्शाया कि हमें हालात का फायदा उठाना होगा और बड़ा स्कोर बनाना होगा।”