डंकन फ्लेचर ने कहा भारत के पास आईसीसी विश्वकप 2015 को जीतने का एक अच्छा मौका है

भारतीय टीम के मौजूदा कोच डंकन फ्लेचर मानना है की, भारत की मौजूदा टीम के पास आईसीसी विष्वकप 2011 में मिली ऐतिहासिक जीत को दोहराने का पूरा मौका है ।

तथ्य देते हुए उन्होंने कहा की भारतीय टीम का मौजूदा अत्मबिश्वास उन्हें बड़ी से बड़ी टूर्नामेंट में जीत दिला सकता है ।

फ्लेचर ने कहा:

“हमने पिछले तीन साल में तीन आईसीसी टूर्नामेंट खेले हैं – आईसीसी विश्व टी 20, 2012-13, 2014, और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2013 में । लोगों को यह जान के आश्चर्य होगा की हमे केवल दो मैच में ही हार मिली है और जिनमे से एक फाइनल था । और ये गर्व की बात है की इन मैचो में खेलने वाली टीम लगभा मौजूदा टीम ही है । इन खिलाड़ियो के पास बड़ी टूर्नामेंट में खेलने का अनुभव भी है और वो इनमे जीत हासिल करना बखुब ही जानतें है ।‘’

‘’ इस टीम की खासिअत यह है की, पिछले कुछ सालो में इस टीम ने लिमिटेड ओवर क्रिकेट में हर तरह की चुनौतिओ का सामना किया है और इन्हों ने दिखा दिया की वो इनका सामना करने में सक्षम है । इसलिए मै कह रहा हु की हमारे पास विष्वकप जीतने का अच्छा मौका है ।‘’

फ्लेचर ने कहा की त्रिकोणीय सीरीज में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के साथ खेले गए माचो से आने वाले विश्वकप के महत्वपूर्ण चरणों में हमे फायदा मिलेगा ।

‘’ विष्वकप से पूर्व त्रिकोणीय सीरीज खेलना हमारे लिए फायदे में रहेगा क्योंकी इससे हमे सफेत गेंद से खेलने का अभ्यास होगा । अगर हम इन मैचों (ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ) को नाही खेलेंगे तो इनको परखने का मौका भी नाही मिलता, अब हम इससे विश्वकप में फायदा उठा सकते है ।‘’. 

विदेशी स्तर में भारतीय गेंदबाजी पर संकट के विषय में पूछने पर, फ्लेचर ने कहा की यह तो अनुभव हासिल करने का मौका था और आने वाले विदेशी टूर में मुझे पूरा बिश्वास है की भारत बहोत सरे मैचों में जीत हासिल करेगा ।

“आप टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ियो को ही ले लीजे । (मोहम्मद) शामी (15 विकेट 35.80 पर) ने (मिशेल) जॉनसन (13 विकेट 35.53 पर) से अधिक विकेट एक समान औसत पर ली है । और यह शमी का यहाँ पहला दौरा था । उमेश यादव (11), जोश हज्लेवुड (12) से केवल एक विकेट कम है। और यह किसी भी गेंदबाज का आत्मविश्वास और लय के लिए अच्छा नहीं है की वो नियमित आधार पर टेस्ट और वनडे टीम से बाहर तो कभी अन्दर होता हो । यह परिस्थितिया गेंदबाजो को अनुभव देती है । यह कुछ ऐसा है जो इशांत में सारी सीरीज के दौरान दिखा है ।‘’

Related Topics