indian cricket team
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वन-डे सीरीज़ में लगातार लचर प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम अब टी20 सीरीज़ में अपनी संभावनाएं तलाशने की कोशिश में होगी. अगर नहीं भी है तो हो जाना चाहिए क्योंकि अगर आप इतनी हार के बाद भी विदेशी दौरों पर सबक नहीं लेते हैं तो कहीं न कहीं आपके डिसीज़न-मेकिंग न्यूक्लियस और टीम की चयन प्रक्रिया में ही कुछ कमी है.

अब अगर भारतीय टीम को अपनी गलतियों से सबक लेना है तो टी20 सीरीज़ के लिए टीम में कुछ ज़रूरी बदलाव करने ही होंगे. वन-डे सीरीज़ में भारतीय टीम का प्रदर्शन लगभग हर विभाग में निराशाजनक ही रहा है चाहे वो शुरुआती ओवरों की गेंदबाज़ी हो या फिर रन-चेज़ करते हुए बल्लेबाज़ों का क्रीज़ पर ज़िम्मेदारी के साथ खेलना.

इस समय भारतीय टीम को अपने प्रदर्शन के आकलन और उस पर काम करने की सख़्त ज़रूरत है. तो क्या हो सकते हैं वो 3 ज़रूरी बदलाव, जिनके आने के बाद भारतीय टीम में आएगा एक नयापन और लो-एनर्ज़ी फ़ील कर रही टीम को मिलेगी एक ताज़गी, आइए डालते हैं एक नज़र.

टी नटराजन

टी20 सीरीज़ में असरदार साबित हो सकते हैं नटराजन

वन-डे सीरीज़ में नवदीप सैनी जिस दर्जा बेअसर नज़र आए हैं उससे इतना तो साफ़ हो जाता है कि उनको आजमाने की मियाद पूरी हो चुकी है. अगर कप्तान कोहली और कोच शास्त्री टीम को संभालने में की गई अपनी गलतियों भरपाई करना चाहते हैं तो उनको ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ चार दिसंबर से शुरू होने वाली सीरीज़ में कुछ युवा प्रतिभावान और मौके का इंतज़ार कर रहे युवा खिलाड़ियों को टीम में जगह देनी होगी.

इनमें एक नाम जिसको वरीयता दी जानी चाहिए वो हैं तमिलनाडु के 29 वर्षीय तेज़ गेंदबाज़ टी नटराजन का. फ़र्स्ट क्लास क्रिकेट में नटराजन का  प्रदर्शन बेहद काबिलेतारीफ़ रहा है. 20 फ़र्स्ट-क्लास मैचों में उन्होंने 27.03 के औसत और 3.02 के बेहद सस्ते इकॉनोमी रेट से कुल 64 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया है. नटराजन टी20 सीरीज़ में नवदीप सैनी की जगह एक बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं, इस विषय पर टीम मैनेजमेंट, कप्तान और कोच को गंभीरता से सोचना होगा.

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