सर डॉन ब्रेडमैन का रिकॉर्ड तोड़ने से चुका यह भारतीय बल्लेबाज

sagar mhatre / 15 July 2016

क्या आपने सर डॉन ब्रैडमन का नाम सुना हैं? जी हां जरूर सुना होगा. डॉन ब्रैडमन क्रिकेट के सबसे बड़े खिलाड़ी थे और हैं, उनके नाम ऐसे कुछ रिकॉर्ड हैं जो कभी टूट नहीं सकते. लेकिन भारत के एक ऐसे क्रिकेटर थे जो ब्रैडमन के एक रिकॉर्ड को तोड़ने के करीब थे. वो सुनिल गावस्कर या सचिन तेंदुलकर नहीं, बल्कि भाऊसाहेब निंबालकर थे. निंबालकर 40 और 50 के दशक में क्रिकेट खेलते थे.

ये बात साल 1948 की हैं, जब रणजी ट्रॉफी के एक मैच में महाराष्ट्र की टीम काठीयावार के खिलाफ मैच खेल रहीं थी. काठियावार को पहले बल्लेबाजी मिली थी, और पहले दिन वो 238 पर अॉल आउट हो गयी. इसके जवाब में महाराष्ट्र ने कमाल की बल्लेबाजी कि, और भाऊसाहेब निंबालकर ने 455 और 242 रनों की 2 बड़ी साझेदारी किया.

जब निंबालकर नाबाद 443 रनों पर थे, तब टी ब्रेक हुआ. काठियावार के कप्तान ठाकुर साहेब ने महाराष्ट्र की टीम को चेतावनी दी ,कि एक तो वे अपनी पारी घोषित करे या फिर हम घर चले जाएंगे. तब निंबालकर डॉन ब्रैडमन के प्रथम श्रेणी के बेस्ट स्कोर 452 रन को तोड़ने से सिर्फ 9 रन पीछे थे.

महाराष्ट्र के कप्तान राजा गोखले ने काठियावार टीम को कहा कि, वे सिर्फ 2 ओवर और गेंदबाजी करे, जिससे निंबालकर डॉन ब्रैडमन का रिकॉर्ड तोड़ सके, लेकिन काठियावार टीम ने ये बात मानी नहीं, और अपना सामान पैक करके घर चले गये. और निंबालकर की पारी का कुछ इस तरह से अंत हुआ.

इस वजह से निंबालकर डॉन ब्रैडमन का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए, लेकिन इसके बाद डॉन ब्रैडमन ने निंबालकर को कहा कि, ये पारी मेरी पारी से भी काफी अच्छी थी. और निंबालकर को बधाई दी.

भारत की ओर से प्रथम श्रेणी में सबसे बेस्ट स्कोर बनाने के बावजूद निंबालकर ने भारत के लिए सिर्फ एक मैच खेला और वो टेस्ट भी अनअॉफिशियल मैच था. और बाद में निंबालकर को कभी भी मौका नहीं मिला.