धोनी, कोहली नहीं बल्कि हमारे तेज गेंदबाजो ने हराया पहला वनडे

vinay mani tripathi / 12 October 2015

कल कानपुर के ग्रीनपार्क में खेले गये पहले वनडे में भारत को 5 रनों से हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद भारतीय कप्तान की चारो तरफ आलोचना हो rhi है, कि अंतिम ओवर तक मैदान पर रहने के बावजूद भी धोनी भारत को नहीं जीता सके, अब धोनी पहले जैसा नहीं रहे,  वही धोनी इस हार का असली जिम्मेदार अप्रत्यक्ष रूप से कोहली को ठहरा रहे है, कि उन्होंने धीरे खेलते हुए टीम की हार में अहम भूमिका निभाई.

हालाँकि अगर हम गौर दे, तो कोहली और धोनी के अलावा टीम की हार के मुख्य कारण रहे भारतीय तेज गेंदबाज, भारतीय तेज गेंदबाजो ने इस मैच में काफी रन लुटाये, यादव ने 10 ओवर में 71 रन दिए, तो भुवनेश्वर ने 67, तो वहीं आलराउंडर बिन्नी 8 ओवर में 63 रन दिये.

क्यूंकि अश्विन अभी 4.4 ओवर ही गेंदबाजी कर पाये थे, कि उनके मांसपेशियों में खिचाव आ गया और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा, जिसका फायदा डिविलियर्स ने बखूबी उठाया और भारतीय तेज गेंदबाजो की जमकर क्लास ली.

धोनी की भी कोई गलती नहीं है, क्यूंकि अंतिम ओवर में 11 रन चाहिए थे, और धोनी को बड़े शॉट लगाने ही थे, अगर धोनी ऐसा नहीं करते तो टीम को जीत दिलाना मुश्किल था, और इसी चक्कर में धोनी और बिन्नी आउट हये.

 

भारतीय गेंदबाजो ने ऐसे हराया पहला वनडे मैच:

# तेज़ गेंदबाज़ी में भारतीय टीम का नेतृत्व कर रहे गेंदबाज़ों में से कोई एक भी किफायती साबित नहीं हुआ. तेज गेंदबाजों की पूरे मैच में खूब धुनाई हुई. उमेश यादव ने 10 ओवर में 71 रन लुटा दिए. तो वहीं भुवनेश्वर कुमार ने 67 रन पिटवाए. स्टुअर्ट बिन्नी ने 8 ओवर में 63 रन दिए. 

# भारतीय गेंदबाजों की सबसे ज्यादा पिटाई दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एबी डिविलियर्स ने की. डीविलियर्स ने नाबाद शतक लगाया और तेज़ गेंदबाज़ों को उन पर हावी होने का कोई मौका नहीं दिया.

 

# मैच के डेथ ओवर्स में खराब गेंदबाज़ी का एक नमूना ये भी रहा. 40 ओवर के बाद डिविलियर्स 50 गेंद पर 45 रन बनाकर खेल रहे थे. वहीं आखिरी ओवरों में डिविलियर्स ने सिर्फ 23 गेंद पर 59 रन बना दिए. यानी 200 से भी ज्यादा के स्ट्राइक रेट से.

# इतना ही नहीं भारतीय गेंदबाजी की वजह से कानपुर में एक नया रिकॉर्ड भी बन गया. इससे मुकाबले से पहले कभी कोई टीम कानपुर में 300 रन नहीं बना पाई.

 

# डेथ ओवर की कमज़ोरी एक बार फिर भारतीय टीम को भारी पड़ी मुकाबले के 40 ओवर खत्म होने के वक्त साउथ-अफ्रीकी टीम 200 रन भी पूरे नहीं कर पाई थी और पारी के आखिरी 10 ओवर में गेंदबाजों ने 109 रन लुटा दिए.

 

# भारतीय गेंदबाज़ों की खराब हालत के पीछे का कारण अश्विन की पीठ में दर्द ही बताया जा रहा है क्योंकि अश्विन के बचे 6 ओवर बाकी गेंदबाज़ों को मिलकर डालने पड़े. लेकिन अगर हम इस वजह पर गौर करें भी तो ये भी अहम है कि हमेशा अश्विन टीम के साथ नहीं होंगे तो तब मुकाबलों में क्या होगा. जिस तरह आगे सीरीज़ के बचे 4 मुकाबलों में होने वाला है.

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