एंजलो मैथ्यूज ने मौजूदा समय के इस भारतीय गेंदबाज को बताया दुनिया का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज, भारत की तारीफों के बांधे पूल

prashant / 18 November 2017

भारट और श्री लंका के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट में श्रीलंका टीम भारत पर हावी है. पहली पारी में विराट कोहली ब्रिगेड की ओर से बनाए गए 172 रन के स्‍कोर के जवाब में श्रीलंका ने पहली पारी में चार विकेट पर 165 रन बना लिए हैं. मेहमान टीम अब भारत के स्‍कोर से महज 7 रन ही पीछे है. खराब रोशनी के कारण शनिवार का खेल जब समाप्‍त घोषित किया गया, उस समय कप्‍तान दिनेश चंदीमल 13 और निरोशन डिकवेला 14 रन बनाकर क्रीज पर थे.

मैच की संध्या पर होने वाली  प्रेस कांफ्रेंस में श्रीलंका टीम के पूर्व कप्तान अन्जिलो मैथ्यूज ने भारतीय टीम के गेंदबाजों की तारीफ़ की हालांकि, उन्होंने कहा कि हमारे पास बेहतरीन बैटिंग लाइनउप है जो मुकाबला करने में सक्षम है.

इन तीन गेंदबाजों के सामने नही कर सकते आराम-

हैमस्ट्रिंग इंजरी से उबरकर एकबार  फिर टीम में लौटे अन्जिलो मैथ्यूज ने भारत के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाजी कर भारत के बनाए गये पहली पारी के छोटे से स्कोर को श्रीलंका के लिए और आसान बना दिया. एंजलो मैथ्यूज ने शानदार 52 रन बनाए. उन्होंने भारत के गेंदबाजों की तारीफ़ करते हुए कहा,कि “भारत के पास इस वक्त शमी, भुवनेश्वर और उमेश के रूप में दुनिया के बेहतरीन गेंदबाज हैं. यह एक मुश्किल विकेट है, इस विकेट में ये गेंदबाज बेहतरीन गेंदबाजी कर रहे हैं. ये गेंदबाज बहुत चालाक हैं, आप इनके सामने ढीला नही डाल सकते. यदि आप सोचते है, कि मैच में आपको कमजोर गेंद मिलेंगी तो उनकी संख्या बहुत कम होगी.”

मैथ्यूज नही हैं अभी प्रदर्शन से खुश-

श्रीलंका टीम ने बेहतरीन बल्लेबाजी की है हालंकि, मैथ्यूज मानते हैं कि इससे कुछ नही होने वाला है. उन्होंने कहा, “हमे मानसिक रूप से मजबूत होना होगा. हमे बड़ा स्कोर बनाना होगा और मुझे लगता है कि हम बना सकते हैं, क्योंकि हमारे पास अच्छी बल्लेबाजी यूनिट है.”

उन्होंने कहा,कि “टीम के सलामी बल्लेबाजों ने अच्छी बल्लेबाजी की ख़ास तौर पर थिरिमाने ने. मगर 50 रनों से कुछ नही होगा. किसी एक बल्लेबाज को 100 के नजदीक जाना होगा. क्योंकि, भारतीय टीम बेहद मजबूत है.”

चोटों ने कर दिया मुझे परेशान-

 

मैथ्यूज का यह साल बेहद निराशाजनक बीता है. वह साल में अधिकतर चोटों से जूझते रहे. कभी उन्हें टखने की चोंट से जूझना पड़ा तो कभी नसों में खिचाव से तो कभी कोहनी की चोंट से. इन चोटों के कारण उन्हें कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंट से बाहर बैठना पड़ा, जिसमे ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका का दौरा और यूएई का घरेलू टूर्नामेंट.

इस पर उन्होंने कहा, ‘खिलाड़ी के लिए चोंट बुरे सपने की तरह होती हैं. मै 2013 से बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा था मगर चोटों ने मेरी लय बिगाड़ दी. इन चोटों का कारण ज्यादा क्रिकेट है. मगर मैं समय के साथ सीख रहा हूँ कि अपने शरीर को कितना आराम देना है’.

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