प्रवीण कुमार ने अब सीबी सीरीज 2008 को किया याद, बताया कैसे बनाया था ऑस्ट्रेलिया पर दवाब 1

भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर है। ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर भारतीय टीम को 3 मैचों की वनडे, 3 मैचों की टी20 और चार मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। इस दौरे पर विश्व क्रिकेट की दो सबसे बेहतरीन टीम के बीच जंग को लेकर चर्चा काफी ज्यादा बनी हुई है। हमेशा ही भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बहुत ही खास मुकाबला होता है।

2008 में मिली सीबी सीरीज है एक यादगार जीत

इन दिनों तो भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलिया के दौरे की चर्चा बहुत ज्यादा ही लगी हुई है। भारतीय टीम के अब तक ऑस्ट्रेलिया के दौरे के इतिहास पर नजर डाली जाए तो साल 2008 का दौरा बहुत ही खास था, क्योंकि इस दौरे पर भारत ने सीबी सीरीज(वनडे ट्राई सीरीज) में जीत हासिल की थी।

प्रवीण कुमार ने अब सीबी सीरीज 2008 को किया याद, बताया कैसे बनाया था ऑस्ट्रेलिया पर दवाब 2

भारतीय क्रिकेट के लिए सीबी सीरीज में बेस्ट ऑफ थ्री के फाइनल राउंड में ऑस्ट्रेलिया को उस दौर पर हराना काफी बड़ी कामयाबी मानी जाती है। जिसने भारतीय क्रिकेट को एक बड़ा ही एडवांटेड दिया। जिसमें पूर्व तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार नायक की तरह सामने आए थे।

प्रवीण कुमार सीबी सीरीज में साबित हुए थे नायक

सीबी सीरीज 2008 में दूसरे फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया की टीम के तीन बड़े विकेट हासिल करने वाले प्रवीण कुमार ने इस सीरीज और इस मैच को याद किया। उन्होंने इसे लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि उस दौरे पर वो ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों की बॉडी लैंग्वेज समझने के बाद गेंदबाजी कर रहे थे। प्रवीण ने उस मैच में 46/4 के आंकड़े दर्ज किए थे।

प्रवीण कुमार ने अब सीबी सीरीज 2008 को किया याद, बताया कैसे बनाया था ऑस्ट्रेलिया पर दवाब 3

ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों की कमजोरी को किया निशाना

प्रवीण कुमार ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि

“मैं आपसे ये कह सकता हूं कि मैं बल्लेबाज के पैर और शारीरिक भाषा से उसको परख सकता हूं। उस समय (ब्रिस्बेन 2008) मैं बस उस कला को दर्शा रहा था जो मेरे पास थी।”

प्रवीण कुमार ने अब सीबी सीरीज 2008 को किया याद, बताया कैसे बनाया था ऑस्ट्रेलिया पर दवाब 4

अपनी गेंदबाजी रणनीति को लेकर प्रवीण ने कहा कि

“गिलक्रिस्ट ऊपर वाली गेंद को सही से नहीं खेलते थे। पोंटिंग के बारे में कहते थे कि वो अच्छा पुल मारता है। इसलिए मैंने कहा इसको पुल पर ही निकालना है।”

रिकी पोंटिंग को उनकी ही मजबूती में फंसाया

“एक इंसान की ताकत होती है वो उसकी कमजोरी भी होती है। मैंने छोटी गेंदें फेंकी, उन्होंने पुल की और शॉर्ट मिड ऑन पर कैच हो गया। मैंने पोंटिंग को तीन बार आउट किया।  एक बार नागपुर में, वहां उसे पता था कि गेंद पैड पर पड़ी तो आउट है। ये बल्लेबाज को जानने की बात होती है। आप बल्लेबाज को उसके खेलने के तरीके से जान सकते हो। आपको उसके लिए दिमाग की जरूरत है। पोंटिंग के मामले में मैंने सोचा कि मैं शॉर्ट गेंद का इस्तेमाल करता हूं।”

प्रवीण कुमार ने अब सीबी सीरीज 2008 को किया याद, बताया कैसे बनाया था ऑस्ट्रेलिया पर दवाब 5

क्लार्क के मामले में रहा भाग्यशाली

माइकल क्लार्क के विकेट पर प्रवीण कुमार ने कहा कि

मैंने गेंद दबाई (बाउंस की कोशिश) और वो नीचे रह गई। मैं वहां थोड़ा भाग्यशाली रहा। पिच ने मुझे इसमें मदद की। लेकिन मैंने जिस तरह से गिलक्रिस्ट को आउट किया उस पर मुझे गर्व है। जब गेंदबाज अपने हाथ और दिमाग का इस्तेमाल करता है, वो सोकर उठने के बाद भी गेंदबाजी कर सकता है। आप स्वाभाविक तौर पर गुडलैंग्थ गेंद पर ही गेंदबाजी करोगे। भगवान की कृपा से मैंने इतना अभ्यास किया था कि अगर मैं सोकर भी आऊंगा तो गेंदबाजी कर सकता था।”