ये 7 भारतीय खिलाड़ी जिन्होंने गरीबी से किया करियर शुरू, बने अमीर

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भारत के लिए खेलने से पहले गरीबी में जी रहे थे ये 7 खिलाड़ी, एक तो 20 रूपये पर करता था मजदूरी 

भारत के लिए खेलने से पहले गरीबी में जी रहे थे ये 7 खिलाड़ी, एक तो 20 रूपये पर करता था मजदूरी

भारतीय क्रिकेट में शुरुआत में आज के दौर में कई अमीर खिलाड़ी देखने मिल जाएंगे। एक बार भारतीय क्रिकेट में एन्ट्री करने के बाद खिलाड़ियों पर जमकर पैसों की बारिश होती है। खिलाड़ी एक बार भारतीय क्रिकेट के साथ जुड़ने के बाद अपनी मेहनत और खेल के दम पर काफी मालामाल हो जाते हैं।

भारत के वो पांच खिलाड़ी जो गरीबी से निकलकर बने अमीर

लेकिन भारतीय क्रिकेट में ऐसे कई खिलाड़ी रहे हैं जो बहुत ही गरीबी से निकलकर आए हैं। ऐसे कई खिलाड़ी रहे हैं। जिन्होंने अपने परिवार की खस्ता हालात के बाद कड़ी मेहनत के दम पर भारतीय क्रिकेट में पहुंचे।

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गरीबी पृष्टभूमि से भारतीय क्रिकेट में कई खिलाड़ियों ने एन्ट्री की जो बाद में अपने क्रिकेट कौशल से ना केवल नामी खिलाड़ी बने बल्कि साथ ही उन्होंने पैसा भी बनाया और आज अमीर खिलाड़ी के तौर पर याद किए जाते हैं।

महेन्द्र सिंह धोनी

भारतीय क्रिकेट टीम के महान कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को आज कौन नहीं जानता है। महेन्द्र सिंह धोनी विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं इन्होंने अपने खेल और कप्तानी कौशल के दम पर क्रिकेट में खास उपबलब्धि हासिल की है।

एमएस धोनी

तो साथ ही महेन्द्र सिंह धोनी आज दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेटरों में से एक हैं। लेकिन धोनी एक बहुत ही गरीब परिवार से निकलकर क्रिकेट में आए हैं। झारखंड के रांची से नाता रखने वाले महेन्द्र सिंह धोनी अपने शुरुआती करियर में खड़गपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट कलेक्टर का काम करते थे। जिसके बाद वो आज ऊंचाईयों को छू रहे हैं।

इरफान पठान-युसुफ पठान

भारतीय क्रिकेट में पिछले दशक पठान ब्रदर्स की एन्ट्री हुई थी। बडौदा के इरफान पठान और युसुफ पठान दोनों ही भाईयों ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए कई साल तक प्रतिनिधित्व किया। इरफान पठान और युसुफ पठान बेहतरीन ऑलराउंडर खिलाड़ी के रूप में पहचाने गए।

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लेकिन इन दोनों ही पठान बंधुओं को लिए भारतीय क्रिकेट टीम का सफर इतना आसान नहीं था। इरफान और युसुफ बहुत ही गरीब परिवार से जुड़े थे। जिनके पिता एक मस्जिद में झाड़ू लगाने का काम करते थे। लेकिन इन्होंने अपने दोनों ही बेटों को क्रिकेटर बनाया। आज इरफान और युसुफ दोनों ही काफी पैसे वाले हैं।

उमेश यादव

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज उमेश यादव एक बेहतरीन तेज गेंदबाज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उमेश यादव ने अपनी गेंदबाजी गति से खासा नाम किया है जो ना केवल भारतीय क्रिकेट के लिए तीनों ही फॉर्मेट खेले हैं बल्कि सालों से आईपीएल का भी हिस्सा हैं।

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उमेश यादव का बचपन बहुत ही गरीबी में बिता है। क्योंकि उनके पिता ने कोयले की खदान में काम किया है। इस संघर्ष के बीच उमेश यादव ने आर्मी का भी प्रयास किया था जहां उन्हें सफलता नहीं मिला। लेकिन इसके बाद एक सफल क्रिकेटर बने। आज उमेश यादव अच्छी शोहरत और पैसा बना चुके हैं।

भुवनेश्वर कुमार

भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। भुवनेश्वर कुमार आज के समय में भारतीय टीम के लिए तीनों ही फॉर्मेट के स्ट्राइक तेज गेंदबाज हैं जिन्होंने अपनी स्विंग गेंदबाजी से बड़ा नाम किया है।

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भुवी मौजूदा भारतीय टीम के सबसे अहम खिलाड़ी हैं लेकिन इनका भी बचपन बहुत ही कठिनाईयों के साथ गुजरा है। भुवनेश्वर कुमार एक मध्यम वर्गीय परिवार से नाता रखते हैं जिनके पिता एएसपी पुलिस अफसर रहे हैं। लेकिन उनकी बहन ने उन्हें क्रिकेटर बनने के लिए प्रेरित किया।

रविन्द्र जडेजा

भारतीय क्रिकेट टीम में ऑलराउंडर रविन्द्र जडेजा भी एक मुख्य खिलाड़ी के तौर पर अपना स्थान बना चुके हैं। रविन्द्र जडेजा ने एक ऑलराउंडर के रूप में भारतीय क्रिकेट टीम को काफी कुछ दिया है और उनके इसी योगदान के कारण वो आज भारत के एक अच्छे ऑलराउंडर कहे जा सकते हैं।

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रविन्द्र जडेजा का परिवार भी इतना ज्यादा सक्षम नहीं रहा है। जडेजा के पिता एक सिक्योरिटी गार्ड हुआ करते थे। साल 2005 में उनकी मां के निधन के बाद क्रिकेट को छोड़ दिया था लेकिन फिर से मेहनत की और 2008 में अंडर-19 टीम का हिस्सा रहे और आज भारत की सीनियर टीम के लिए छाप छोड़ रहे हैं। जडेजा आज एक बहुत ही रिच खिलाड़ी माने जाते हैं।

मुनाफ पटेल

भारतीय क्रिकेट टीम साल 2011 में विश्व कप खिताब जीतने में सफल रही थी। और इसी ऐतिहासिक कामयाबी का हिस्सा भरूच के तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल भी थे। भारत के पूर्व तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल उस दौरान टीम के मुख्य गेंदबाज के रूप में जाने जाते थे।

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मुनाफ पटेल कुछ साल तक भारतीय क्रिकेट के लिए अपनी सेवाएं देते रहे लेकिन मुनाफ के परिवार की हालात बहुत ही ज्यादा खराब रही है। मुनाफ पटेल ने खुद कोयले की खदान में काम किया है। लेकिन क्रिकेट ने उनका जीवन बदल डाला।

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