एक भारतीय छात्र ने बनाया खास किस्म का बल्ला

क्रिकेट बैट को लेकर आज कल काफी चर्चा रहती है. बैट और गेंद में तालमेल को लेकर काफी विवाद रहता है. और बल्लेबाजों को इससे काफी फायदा भी होता है.

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बल्ले को सिर्फ छुने से आज कल गेंद सीमारेखा के बाहर जाती है. और शॉट पिच गेंद पर भी हलका सा बल्ले को लगा तो पिछे से छक्का जाता है.

राहुल द्रविड और इयन चैपल भी बडे बल्ले को लेकर चिंता व्यक्त कर चुके है.

लेकिन अब एक नया बल्ला आया है जिसे गेंद को कट लगने से आसानी से छक्का नहीं जाएगा और ये बल्ला मुंबई के आयआयटी के किसी बच्चे ने बनाया है.

एमसीसी के नियमों के तहत बल्ले का साईज 10.8 सेंटीमीटर तक ही होना चाहिए और निचे का हिस्सा 0.75 सेंटीमीटर का होना चाहिए.

बैट का मिनीमम साईज 8.8 रहना चाहीए जिससे गेंद को कट लगने से गेंद आसानी से बाहर नहीं जा सकती.

गोगरी और उसके दोस्तों को ये खयाल भारत 2011 में इंग्लैंड और अॉस्ट्रेलिया के साथ हारने के बाद आया जहा हर बल्लेबाज की बल्ले को कट लगकर आसानी से आऊट हो रहे थे.

इस बैट का टेस्ट भी हो चुका है और दों बल्लेबाजों ने इसका इस्तेमाल भी किया है.

अगर ये सफल रहा तो हमे ये बैट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दिख सकता है.