पहली बार नहीं हुआ जब भारत के हारने से टूर्नामेंट से बाहर होगा पाकिस्तान

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INDvsENG: 2004 एशिया कप में पाकिस्तान से ही हारकर उसे टूर्नामेंट से बाहर कर चुका है भारत 

INDvsENG: 2004 एशिया कप में पाकिस्तान से ही हारकर उसे टूर्नामेंट से बाहर कर चुका है भारत

भारत बनाम इंग्लैंड के मैच में भारत ने टूर्नामेंट में पहली बार हार का मुंह देखा। 31 रनों से भारत को इंग्लैंड के हाथों मिली हार ने अनेक विवाद खड़े कर दिए। यहां तक की पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ियों द्वारा भारत पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया गया। असल में भारत की इस हार से भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों पर कुछ खासा फर्क नहीं पड़ा है, लेकिन इंग्लैंड की इस जीत ने पाकिस्तान के सेमीफाइनल की उम्मीदों पर वार किया है।

INDvsENG: 2004 एशिया कप में पाकिस्तान से ही हारकर उसे टूर्नामेंट से बाहर कर चुका है भारत 1

असल में भारत यदि यह मैच जीत जाता तो पाकिस्तान को सेमीफाइनल में पहुंचने में मदद मिल जाती, लेकिन नतीजा इसके विपरीत रहा।

वकार यूनिस ने विराट की सेना पर लगाए इल्जाम

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वकार यूनिस ने तो विराट की सेना पर कटाक्ष करते हुए यहां तक ​​कह डाला कि

“यहां बात इसकी नहीं है कि आप कौन हैं, बल्कि आप क्या करते हैं वह आपको परिभाषित करता है। मैं तनिक भी परेशान नहीं हूं कि पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल में जगह बना पाएगी या नहीं, लेकिन एक बात तो इस मैच के बाद सुनिश्चित है कि कुछ चैंपियंस की स्पोर्ट्समैनशिप का टेस्ट किया गया, जिसमें वह बुरी तरह से फेल हो गए।”

इसी तरह सोशल मीडिया पर भारत की हार के बाद पाकिस्तानी फैंस, दिग्गज खिलाड़ी सभी भारत से नाराज़गी जताते नज़र आ रहे हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में भारत पर इंग्लैंड के खिलाफ जानबूझकर हारने का आरोप लगाया है।

पहले भी भारत की हार के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है पाकिस्तान

ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि भारत के प्रदर्शन से पाकिस्तान पर फर्क पड़ा हो। 2004 के एशिया कप में भी कुछ ऐसा ही हुआ था। कोलंबो में एक महत्वपूर्ण सुपर फोर गेम में, इंजमाम-उल-हक ने टॉस जीता और शोएब मलिक के 143 रन की बदौलत पाकिस्तान ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 300 रन बनाए।

जवाब में, भारत की शुरुआत खराब रही क्योंकि वीरेंद्र सहवाग जल्दी पवेलियन लौट आए और उसके बाद सचिन तेंदुलकर और कप्तान सौरव गांगुली ने लक्ष्य का पीछा किया। लेकिन गांगुली (39), राहुल द्रविड़ (5) और युवराज सिंह (28) के जाने से 25 वें ओवर में भारत का स्कोर 4 विकेट पर 139 रन हो गया। मोहम्मद कैफ भी जल्द ही आउट हो गए और 5 विकेट पर 151 रन बनाकर भारत के पास स्पष्ट रूप से जीत की संभावना कम थी।

बोनस प्वॉइंट का था प्रावधान

अब, यहां खेल ने दिलचस्प मोड़ लिया। उस एशिया कप में एक अनोखा बोनस पॉइंट सिस्टम था। इस नियम के तहत, टीमों को एक बोनस अंक प्राप्त हो सकता है, यदि वे एक न्यूनतम बिंदु से पहले लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहे या भले ही वह लक्ष्य तक का सफर तय न कर सके हो। बचाव पक्ष के लिए, विरोधियों को न्यूनतम स्कोर तक सीमित रखने से उन्हें बोनस भी मिल सकता है।

जीत कर भी हार गया था पाकिस्तान

जब भारत को लगा कि 301 तक पहुंचना बहुत मुश्किल है और तेंदुलकर का साथ देने के लिए केवल निचले क्रम के बल्लेबाज ही बचे थे। तो उन्होंने अपनी योजनाओं को बदल दिया और 240 के लक्ष्य के लिए खेलने लगे। जो उन्हें बोनस प्वॉइंट दिला सकता था। विचित्र नियम के तहत जहां एक टीम हार कर भी अंक हासिल कर सकती थी, भारत ने अस्तित्व का खेल शुरू किया और 29 वें और 50 वें ओवर के बीच केवल 90 रन बनाए।

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बेहद धीमी पारी खेलते हुए तेंदुलकर ने 103 गेंदों में 78 रन बनाए, जबकि इरफान पठान ने 75 गेंदों में 38 रन बनाए। दोनों ने 14 ओवरों में केवल 63 रन जोड़े और भारत 50 ओवर में 8 विकेट पर 241 रन पर समाप्त हुआ और 59 रन से हारने के बावजूद उस बोनस अंक ने उन्हें फाइनल में पहुंचा दिया। पाकिस्तान भारत से बेहतर नेट रन रेट होने के बावजूद हार गया, क्योंकि उनके पास बोनस अंक नहीं थे।

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