वरुण चक्रवर्ती

दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच आईपीएल 2020 का 42 मुकाबला अबु धाबी के मैदान पर खेला गया। इस मैच में केकेआर के बल्लेबाजों ने तूफानी बल्लेबाजी की और 195 रनों का लक्ष्य दिया। उसके बाद गेंदबाजों ने भी दिल्ली को 135 रनों पर ही रोक दिया और 59 रनों से एक बड़ी जीत अपने नाम की।

श्रेयस अय्यर के विकेट को किया सबसे अधिक इंज्वॉय

वरुण चक्रवर्ती

दिल्ली कैपिटल्स को 59 रनों से हराकर कोलकाता नाइट राइडर्स ने एक बड़ी जीत अपने नाम की। इस मैच में दिल्ली कैपिटल्स 195 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी लेकिन कोलकाता के स्पिन गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती ने दिल्ली को 135 रनों पर ही रोकने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई, क्योंकि स्पिनर ने अपने स्पेल में 20 रन देकर 5 विकेट झटक लिए। इसके लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया। पोस्ट मैच सेरेमनी में चक्रवर्ती ने कहा,

“यह मेरे लिए एक अद्भुद क्षण है क्योंकि मुझे पिछले कुछ मैचों में विकेट नहीं मिले थे, मैं आज एक या दो विकेट हासिल करना चाहता था, लेकिन मैंने पांच विकेट हासिल किए। मैंने श्रेयस अय्यर के विकेट को सबसे अधिक इंज्वॉय किया। मुझे बताया गया कि मैं छोटे छोर से गेंदबाजी करूंगा, इसलिए मुझे स्टंप्स पर आक्रमण करना होगा। मेरी मां, हेमा मालिनी, पिता विनोद चक्रवर्ती और मेरी मंगेतर नेहा, टीम के फिजियो, डीके भाई और अभिषेक नायर को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।”

KXIPvsSRH: मैन ऑफ द मैच जीतने के बाद वरुण चक्रवर्ती ने बताया, मैच का सबसे अच्छा क्षण 1

पिछले साल नहीं मिल पाए थे अधिक मौके

वरुण चक्रवर्ती ने आईपीएल 2019 में सिर्फ 1 ही मैच खेला था और 1 विकेट झटका था। लेकिन इस बार वह अब तक खेले गए 10 मैचों में 12 विकेट चटका चुके हैं। वरुण चक्रवर्ती ने आगे कहा,

“मैंने 2018 में अपनी स्पिन गेंदबाजी की शुरुआत की, जब मुझे टीएनपीएल में मेरी सफलता मिली, तो यह काफी ऊंचा और ऊंचा होता गया। पिछले साल, मुझे कई मौके नहीं मिले और मैं इंजर्ड हो गया, मैं इस साल वापसी करने के लिए आभारी हूं। मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूं, लेकिन प्रेरणा और विश्वास मेरे आसपास के बहुत से लोगों से आया है।”

वरुण चक्रवर्ती ने बताया शुरुआती सफर

वरुण चक्रवर्ती

कोलकाता नाइट राइडर्स के स्पिन गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती ने अब एक स्पिन गेंदबाज के रूप में अपनी पहचना बना ली है और इस सीजन उनके प्रदर्शन को देखकर ये कहना गलत नहीं होगा की खिलाड़ी टीम इंडिया के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं। मगर अपने संघर्ष के दिनों के बारे में बताते हुए कहा,

“2015 के आसपास, जब मैं बहुत पैसा नहीं बना रहा था, फ्रीलांसिंग कर रहा था और अपनी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं था, मुझे लगा कि मैं कुछ अलग करूंगा, तभी मैं क्रिकेटर बन गया। मैं अभी भी आर्किटेक्ट होने के नाते अभी भी मुझे ये करना पसंद है।”