आईपीएल 2020 टाइटल स्पॉन्सरशिप की रेस में शामिल हुई टाटा, पेश कर रही प्रबल दावेदारी 1

भारत में लगातार चल रहे चाइनीज प्रोडक्ट्स के बहिष्कार कारण आखिरकार बीसीसीआई और वीवो ने आईपीएल 2002 के टाइटल स्पॉन्सरशिप को स्थगित कर दिया है। हालांकि ये कॉन्ट्रैक्ट सिर्फ 13वें सीजन के लिए स्थगित किया गया है, आईपीएल 2021 में इसे फिर से बहाल किया जा सकता है। अब जबकि वीवो टाइटल स्पॉन्सर नहीं करेगा, तो एक के बाद एक बड़ी कंपनियां स्पॉन्सरशिप की रेस में सामने आ रही हैं। अब इस लिस्ट में टाटा भी शामिल हो गई है।

टाटा भी हुई टाइटल स्पॉन्सरशिप की रेस में शामिल

आईपीएल 2020

आईपीएल 2020 के आयोजन की तारीखों का ऐलान हो चुका है। लेकिन अभी बीसीसीआई को आईपीएल 2020 के टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए नए स्पॉन्सर की तलाश करनी है।

जब से वीवो के साथ इस साल के कॉन्ट्रैक्ट को स्थगित किया गया है, तभी से कई बड़ी भारतीय कंपनियां स्पॉन्सरशिप की लिस्ट में शामिल हुई हैं। अब इसी क्रम में टाटा एंड संस का नाम भी जुड़ गया है। बता दें, टाटा एंड संस के अलावा अमेजन, अनअकेडमी, पतंजलि, जियो का नाम भी सामने आया है। बीसीसीआई सूत्र ने एबीपी न्यूज़ से कहा है कि,

उन्हें उम्मीद है कि वीवो से ज़्यादा पैसे की बिड भी इस साल की आईपीएल के लिए हो सकती है. यानी कि 440 करोड़ रुपये से ज़्यादा पैसे से बिड की उम्मीद अभी भी है बीसीसीआई को. 18 अगस्त फाइनल बिड जमा करने की तारीख है।

आईपीएल 2020 टाइटल स्पॉन्सरशिप की रेस में शामिल हुई टाटा, पेश कर रही प्रबल दावेदारी 2

बीसीसीआई ने स्थगित किया वीवो के साथ कॉन्ट्रेक्ट

चाइनीज मोबाइल निर्माता कंपनी वीवो के साथ बीसीसीआई ने आईपीएल 2020 के लिए टाइटल स्पॉन्सरशिप को स्थगित कर दिया है। असल में भारत में चीनी प्रोडक्ट्स का जमकर विरोध हो रहा है।

इसका कारण, जून में भारत-चीन के बीच गलवान वैली में हुई हिंसक लड़ाई है, जिसमें भारत के कर्नल समेत 20 भारतीय सेना के जवान शहीद हो गए थे। तभी से देश में लोगों के अंदर चीन व चीनी कंपनियों के लिए विरोध साफ नजर आया। भारत सरकार ने सुरक्षा की दृष्टि से 56 चीनी एप्प को भारत में बैन कर दिया, जिसमें टिकटॉक, यूसी जैसे बड़े एप्प भी शामिल रहे।

वित्तीय संकट नहीं

स्पॉन्सरशिप

कोरोना वायरस के चलते मार्केट की हालत बेहद खराब हो गई है। ऐसे में बीसीसीआई ने वीवो के साथ सालाना 440 करोड़ रुपये देने वाले सौदे को स्थगित किया है। ऐसे में अब बोर्ड को इतनी बड़ी राशि देने वाला दूसरा स्पॉन्सर मिलना मुश्किल है। लेकिन सौरव गांगुली ने इसके लिए चिंता करने से इनकार किया है। उन्होंने कहा,

“मैं इसे वित्तीय संकट नहीं कहूंगा। यह सिर्फ एक छोटी सी झपकी है। और एक ही तरीका है कि आप पेशेवर रूप से मजबूत होने पर इसे कर सकते हैं। बड़ी चीजें रातोंरात नहीं आती हैं। और बड़ी चीजें रात भर में दूर नहीं जाती हैं। लंबे समय तक आपकी तैयारी आपको घाटे के लिए तैयार करती है, आपको सफलताओं के लिए तैयार करती है।”