मनप्रीत सिंह गोनी

इस समय कुछ खिलाड़ी बीसीसीआई के खिलाफ बोलते हुए नजर आ रहे हैं. जिसका कारण है की वो विदेशी टी20 लीग खेलने की इच्छा रखते हुए नजर आ रहे हैं. हालाँकि बीसीसीआई ने नियमों में बदलाव नहीं किया है. इसी बीच पूर्व आईपीएल के स्टार मनप्रीत गोनी ने कहा की घरेलू क्रिकेटरों को जितना पैसा मिलता है उनसे पूरे परिवार का खर्च नहीं चलता है.

मनप्रीत गोनी ने बीसीसीआई पर अब बड़ा प्रहार किया

मनप्रीत गोनी

सुरेश रैना और इरफ़ान पठान ने हाल में ही विदेशी लीगों में भारतीय खिलाड़ियों के खेलने की गुहार लगाईं थी. जिसके बाद अब पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और आईपीएल स्टार रहे मनप्रीत गोनी भी सामने आयें हैं. पिछले साल संन्यास के बाद कनाडा टी20 लीग मनप्रीत गोनी ने स्पोर्ट्सकीड़ा को दिए इंटरव्यू में कहा कि

” ऐसे कई बीसीसीआई के खिलाड़ी जो आईपीएल खेलते हैं. जो भारतीय क्रिकेट के भविष्य भी नजर आते हैं. फिर ऐसे खिलाड़ी हैं जो रणजी ट्रॉफी में खेलते हैं, लेकिन आईपीएल की किसी टीम में जगह नहीं पाते हैं.  इन खिलाड़ियों को विदेशी लीग खेलने की अनुमति दी जानी चाहिए, मुख्य रूप से ताकि वे अपने परिवार को योगदान देने और चलाने के लिए पर्याप्त पैसा कमा सकें. जब कुछ खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी में अच्छा करते हैं, तो उनके पास आईपीएल में खेलने का मौका होता है. जब वे नहीं कर सकते, तो उन्हें कहीं और खेलना चाहिए.”

खिलाड़ियों के आर्थिक समस्या को लेकर बोले गोनी

मनप्रीत सिंह गोनी

रणजी ट्रॉफी और अन्य घरेलू टूर्नामेंट खेलने वाले खिलाड़ियों के बारें में बोलते हुए मनप्रीत गोनी ने कहा कि

” दुनिया भर के खिलाड़ी विदेशी टी20 लीग में खेलते हैं, क्योंकि क्रिकेट उनका जीवन है. अगर बीसीसीआई ने उन्हें मौका नहीं दिया, तो वे जीवन कैसे जीएंगे या अपने परिवार को कैसे चलाएंगे? मुझे लगता है कि बीसीसीआई के सदस्यों को लगता है कि अगर वे टी10 या टी20 लीग में विदेश में खेलते हैं तो एक निश्चित खिलाड़ी खराब हो जाएगा. उस स्थिति में, बीसीसीआई को आईपीएल रद्द नहीं करना चाहिए और विदेशी खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने से मना करना चाहिए?”

विदेशी कोचों के बारें में भी बोले मनप्रीत गोनी

मनप्रीत गोनी

क्रिकेट की सबसे बड़ी लीग आईपीएल में विदेशी कोचों के बारें में बोलते हुए मनप्रीत गोनी ने कहा कि

” कोचों के बारे में, विदेशी खिलाड़ियों को आईपीएल टीमों के कोच क्यों आना चाहिए? वे आईपीएल से केवल 10 दिन पहले आते हैं और घरेलू खिलाड़ियों के बारे में कुछ नहीं जानते हैं. हमारे देश में बहुत सारे अच्छे कोच हैं, उन्हें विदेशी कोचों पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए.”