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इस्लामाबाद यूनाइटेड द्वारा मिस्बाह-उल-हक को कोच बनाए जाने के बाद मचा बवाल 

इस्लामाबाद यूनाइटेड द्वारा मिस्बाह-उल-हक को कोच बनाए जाने के बाद मचा बवाल

मिस्बाह उल हक़ जो कि पाकिस्तान के कोच एवं मुख्य चयनकर्ता भी हैं, उनके इस्लामाबाद यूनाइटेड का मुख्य कोच बनाये जाने के खिलाफ पीसीबी समेत पीएसएल की कुल 5 फ्रेंचाईजी ने विरोध व्यक्त किया है.

जोन्स ने ट्विटर पर एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपने बर्खास्त होने की पुष्टि की, जहां उन्होंने टीम के साथ अपने कार्यकाल को याद करते हुए अपनी निराशा व्यक्त की, जिसके साथ उन्होंने दो खिताब जीते थे। हालांकि, यह समझा जाता है कि उनके निष्कासन कार्ड पर एक वर्ष से अधिक समय तक रहा था

पीसीबी ने मिस्बाह को दिए सख्त निर्देश

दरअसल यह विरोध उस वक्त शुरू हुआ जब इस्लामाबाद यूनाइटेड ने पिछले चार सीज़न के लिए अपने मुख्य कोच डीन जोन्स को बर्खास्त कर दिया और उनकी जगह पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक़ को टीम का मुख्य कोच बना दिया. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन एहसान मणि ने मिस्बाह उल हक को सख्त निर्देश दिया है कि यदि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रहते इस्लामाबाद यूनाइटेड के कोच नहीं बन सकते हैं.

यह भी कहा जा रहा है कि पीसीबी, जिसने पहले एक ही सेट-अप (एक नौकरी करते हुए दूसरी नौकरी करना )में दोहरी नौकरियां रखने के खिलाफ एक नीति बनाने का वादा किया था, किन्तु मिस्बाह को पाकिस्तान का कोच रहते हुए दूसरी फ्रेंचयजी पर कार्य करने को लेकर सहमति व्यक्त की थी।

अन्य फ्रेंचाइजी ने किया मिस्बाह की दोहरी भूमिका का विरोध

हालाँकि दूसरी फ्रेंचाइजी अब पीसीब से इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए दबाव बना रहीं है। जिसका उद्देश्य मिस्बाह को पीएसएल खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया में भाग लेने से रोकना है। अन्य फ्रेंचाइजीज ने मुख्य कोच के रूप में इस्लामाबाद यूनाइटेड टीम के ड्रेसिंग रूम में मिस्बाह की उपस्थिति पर भी आपत्ति जताई है। सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए काम करने से पहले मिस्बाह ने इस मांग को पीसीबी के समक्ष रखा था जिसे स्वीकार कर लिया गया था.

पीसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वसीम खान ने पहले कहा था कि-

मिस्बाह को पीएसएल में कोच बनाने की अनुमति देने से अंततः पाकिस्तान को लाभ मिलेगा। क्योंकि पीएसएल में कार्य करने के दौरान उन्हें पाकिस्तान से सैलरी नहीं दी जाएगी.

दोहरी भूमिका का मुद्दा पाकिस्तान के पूर्व मुख्य कोच मिकी आर्थर के साथ भी था, जो राष्ट्रीय नौकरी के दौरान अपने चार वर्षों के लिए कराची किंग्स के मुख्य कोच थे। इसी तरह, अज़हर महमूद पाकिस्तान के कोच थे और साथ ही कराची किंग्स के भी।

पीसीबी के साथ उनके द्वारा हस्ताक्षरित अनुबंध ने मूल रूप से उन्हें दोहरी भूमिका निभाने की अनुमति दी थी, लेकिन मणि ने पीसीबी अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के बाद इसका विरोध किया ।

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