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खराब रोशनी पर अंपायर को ही अंतिम फैसला लेना पड़ता है : रौंची 

खराब रोशनी पर अंपायर को ही अंतिम फैसला लेना पड़ता है : रौंची

कोलकाता, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)| न्यूजीलैंड के मध्यक्रम के बल्लेबाज ल्यूक रौंची ने शनिवार को कहा कि भारत के खिलाफ ईडन गार्डन्स स्टेडियम में जारी दूसरे टेस्ट मैच में टीम के कार्यवाहक कप्तान रॉस टेलर ने खराब रोशनी की कई बार शिकायत की थी, लेकिन उनके सारे प्रयास व्यर्थ गए क्योंकि इस पर अंपायरों को ही इस पर अंतिम फैसला लेना पड़ता है। दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन बारिश के कारण तीसरे सत्र का खेल देर से शुरू हुआ था और दूसरे सत्र का अंतिम पहर भी बाधित हुआ था।

मैच के बाद रौंची ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “आज का दिन वैसा ही था जैसा कल का था। खराब रोशनी के समय अंपायर फैसला ले सकते हैं कि कब तेज गेंदबाज गेंदबाजी करेंगे और कब स्पिन गेंदबाज। कल हमारे पास स्पिन गेंदबाजी करने का अवसर था लेकिन हमने मना कर दिया।”

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रौंची ने कहा, “भारत आज कुछ और ओवर स्पिन गेंदबाजों से करवाना चाहता था। जहां तक मेरा मानना है कि अंपायरों ने इसमें दखल दिया और कहा कि अंधेरा ज्यादा हो रहा है।”

उन्होंने कहा, “अंत में यह अंपायर का फैसला होता है। हम इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। हां, हम जाहिर तौर पर अंपायरों से इस बारे ध्यान देने की कह सकते हैं, लेकिन अंत में फैसला उन्हें ही लेना है।”

रौंची ने माना की उनकी टीम ने अच्छी बल्लेबाजी नहीं की।

उन्होंने कहा, “हमने उतने रन नहीं बनाए जितने बनाना चाहते थे। लेकिन यही क्रिकेट है। हम कल वापसी करेंगे और ज्यादा से ज्यादा विकेट लेने की कोशिश करेंगे।”

रौंची ने पांच विकेट लेने वाले भारतीय तेज गेंदबाज को एक पूर्ण गेंदबाज हैं।

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उन्होंने कहा, “वह एक पूर्ण गेंदबाज हैं। नई गेंद के साथ पिच हरकत कर रही थी। नई गेंद से उछाल का अंदाजा लगाना मुश्किल था और गेंद भी स्विंग ले रही थी। उन्होंने वापस आ कर अच्छी लाइन पर गेंदबाजी की। वह बल्लेबाजों को खेलने पर मजबूर कर रहे थे और वह करवा रहे थे जो वो करवाना चाहते हैं।”

रौंची ने कहा कि भारत के निचले क्रम ने जो योगदान दिया उससे काफी फर्क पड़ा।

उन्होंने कहा, “उन्होंने पारी के अंत में रन बनाए जिसने अंतर पैदा किया। कल वह 240 के करीब थे और उन्होंने 300 का आंकड़ा पार कर लिया। अंत के तीन विकेटों के बीच यह बड़ा अंतर था। इस टेस्ट में और श्रृंखला के आने वाले मैचों में हमें इसमें सुधार करने की जरूरत है।”

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