क्रिकेट को लेकर बहुत जुनूनी है अल्जारी जोसेफ माँ की मौत भी नहीं कर पाई

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क्रिकेट को लेकर बहुत जुनूनी है अल्जारी जोसेफ माँ की मौत भी नहीं कर पाई थी क्रिकेट से दूर 

क्रिकेट को लेकर बहुत जुनूनी है अल्जारी जोसेफ माँ की मौत भी नहीं कर पाई थी क्रिकेट से दूर

आईपीएल टी 20 टूर्नामेंट में अबतक सबसे शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन कल रात मुंबई इंडियंस की तरफ से खेलने वाले वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ ने वो कर दिखाया जो अबतक किसी भी गेंदबाज ने नहीं किया था. क्रिकेट के लिए ये खिलाड़ी बहुत ही जुनूनी है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण इसने अपने खेल और अपने टीम के लिए  सबसे बड़े गम को भी भूल कर एक मिसाल कायम की थी.

माँ की मौत के बाद भी क्रिकेट खेलते रहे 

क्रिकेट को लेकर बहुत जुनूनी है अल्जारी जोसेफ माँ की मौत भी नहीं कर पाई थी क्रिकेट से दूर 1

दरअसल  फ़रवरी महीने में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच टेस्ट मैच चल रहा था. टेस्ट मैच के दुसरे दिन उनकी माँ का निधन हो गया था, लेकिन अल्जारी जोसेफ ने माँ के निधन का गम भुलाकर  तीसरे दिन खेल शुरू होने से पहले टीम में मौजूद थे.

जोसेफ ने खेलन जारी रखा और 12 रन देकर दो विकेट लिए,उन्होंने जो रूट और सलामी बल्लेबाज जो डेनली का विकेट पाने नाम किया. इस पुरे मैच में उन्होंने 43 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किये और टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

वेस्टइंडीज के कप्तान जेसन होल्डर ने दूसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड पर मिली दस विकेट की जीत को अल्जारी जोसफ और उनके परिवार को समर्पित की थी.

 

मैंन ऑफ़ द मैच चुने गए अल्जारी जोसेफ 

कल मुंबई इंडियंस का मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद के साथ उनके होम ग्राउंड राजीव गाँधी स्टेडियम पर हुआ, जिसमे एसआरएच ने टॉस जीतकर पहले गेंदाब्जी का निर्णय लिया. मंबई इंडियंस की बल्लेअब्जी पूरी तरह से हैदराबाद की गेंदाबजी के सामने बिखर हाई और मात्र 136 रन ही बना सकी. इतने कम टोटल को हैदराबाद आसानी से चेज कर लेती लिकिन लसिथ मलिंगा की जगह टीम में आये अलाजरी जोसेफ ने आईपीएल के अपने पहले मुकाबले में ही इतिहास रचते हुए 3.4 ओवर में 12 रन देकर 6 विकेट अपने नाम किया और हैदराबाद की टीम को पुरी तरह से ध्वस्त कर दिया. इस शानदार प्रदर्शन से उनको मैंने ऑफ़ द मैच दिया गया .
कुछ इस प्रकार से वर्तमान भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली की भी कहानी रही है 13 साल पहले ऐसा ही एक घाटना  नई दिल्ली में हुआ था जब विराट कोहली ने रणजी ट्रॉफी में अपनी पिता की मौत के तुरंत बाद साहसिक पारी खेली थी. अपनी इस पारी के दम पर विराट ने न केवल दिल्‍ली की टीम को हार से बचाया था, बल्कि इस बात का भी दुनिया को अहसास कराया था कि वह किस मिट्टी के बने हुए हैं.
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कल मुंबई इंडियंस का मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद के साथ उनके होम ग्राउंड राजीव गाँधी स्टेडियम पर हुआ, जिसमे एसआरएच ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का निर्णय लिया. मुंबई इंडियंस की बल्लेबाजी पूरी तरह से हैदराबाद की गेंदबाजी के सामने बिखर हाई और मात्र 136 रन ही बना सकी. इतने कम टोटल को हैदराबाद आसानी से चेज कर लेती लेकिन लसिथ मलिंगा की जगह टीम में आये अल्जारी जोसेफ ने आईपीएल के अपने पहले मुकाबले में ही इतिहास रचते हुए 3.4 ओवर में 12 रन देकर 6 विकेट अपने नाम किया और हैदराबाद की टीम को पुरी तरह से ध्वस्त कर दिया. इस शानदार प्रदर्शन से उनको मैंने ऑफ़ द मैच दिया गया .
कुछ इस प्रकार से वर्तमान भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली की भी कहानी रही है 13 साल पहले ऐसा ही एक घटना नई दिल्ली में हुआ था, जब विराट कोहली ने रणजी ट्रॉफी में अपनी पिता की मौत के तुरंत बाद साहसिक पारी खेली थी. अपनी इस पारी के दम पर विराट ने न केवल दिल्‍ली की टीम को हार से बचाया था, बल्कि इस बात का भी दुनिया को अहसास कराया था कि वह किस मिट्टी के बने हुए हैं.
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