बाबर आजम

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के उभरते स्टार युवा बल्लेबाज बाबर आजम का नाम इन दिनों पूरे विश्व क्रिकेट में छाया हुआ है। पाकिस्तान के प्रतिभाशाली बल्लेबाज बाबर आजम के रूप में इस टीम को लंबे समय के बाद एक ऐसा बल्लेबाज मिला है जिसकी तुलना विश्व क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाजों के साथ की जा रही है।

बाबर आजम के प्रदर्शन के कारण उनकी की जा रही है कोहली से तुलना

बाबर आजम इंटरनेशनल क्रिकेट के तीनों ही फॉर्मेट में जबरदस्त खेल का प्रदर्शन कर रहे हैं। जिस तरह से इस युवा खिलाड़ी ने निरंतरता के साथ बल्लेबाजी की है उससे तो इनकी तुलना भारत की रन मशीन विराट कोहली से की जाने लगी है।

बाबर आजम

विराट कोहली का आज क्रिकेट जगत में बहुत ही खास नाम है जो अलग ही मुकाम पर खड़े हैं लेकिन बाबर आजम की तुलना भी कोहली के साथ ही जो रही है जिससे बाबर आजम के बारे में समझा जा सकता है कि वो किस कदर बल्लेबाजी कर रहे हैं।

जावेद मियांदाद बोले, बाबर को नहीं देना चाहिए तुलना पर ध्यान

ऑस्ट्रेलिया में शानदार प्रदर्शन के बाद श्रीलंका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बाबर आजम की विराट कोहली से तो तुलना की जा रही है लेकिन पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज जावेद मियांदाद ने उन्हें इस तुलना की तरफ ध्यान नहीं देने की बात कही है।

बाबर आजम

जावेद मियांदाद ने कहा कि “बाबर एक अभूतपूर्व बल्लेबाज हैं लेकिन उन्हें अपने देश के लिए प्रदर्शन जारी रखना होगा। मैं अपने अनुभव से कह सकता हूं कि मैं किसी भी अन्य खिलाड़ी के साथ तुलना के बारे में कभी चिंता नहीं करूंगा, लेकिन देश के लिए अच्छा प्रदर्शन जारी रखूंगा।”

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बल्ले से करना चाहिए काम, नहीं करें तुलना की चिंता

जावेद मियांदाद ने आगे कहा कि” मेरा बल्ला बात कर रहा होगा और मैका सुझाव है कि बाबर भी ऐसा ही करे। अपने आप को दूसरे से तुलना करने का एकमात्र समय आपके द्वारा रन बनाने के बाद है और आप गौरव के साथ अपने करियर को देख सकते हैं। समय के  आगे तुलना की बात नहीं है। बाबर को मेरी सलाह है कि तुलना की चिंता मत करो और बस सिर नीचे रखो, बड़े स्कोर करो और कड़ी मेहनत करो।”

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पाकिस्तान के पूर्व कप्तान ने कहा कि “बाबर को उपकप्तान बनाया जाना चाहिए था जिसने उन्हें व्यापार के गुर सीखने के लिए सांस लेने की जगह दी होगी। उन्हें टी20 कप्तान बनाकर हमने उनकी बल्लेबाजी पर बहुत ज्यादा दबाव डाल दिया हो जो हो सकता है पाकिस्तान के खिलाफ जा सकता है।”

मिस्बाह उल हक की भूमिका पर बोले मियांदाद

मियांदाद ने मिस्बाह उल हक की दोहरी भूमिका पर कहा कि “मैं एक दृढ़ विश्वास वाला व्यक्ति हूं कि कोचिंग अच्छी अंग्रेजी बोलने के बारे में नहीं है लेकिन वास्तव में ये जानना कि इस भूमिका से मुझे क्या उम्मीद है जो मैंने अपने समय के दौरान दिखायी थी। जब मैंने खिलाड़ियों को विदेशी दौरों के लिए तैयार करने में मदद के लिए संगमरमर के स्लैब का इस्तेमाल किया ।”

पाकिस्तान

“मुझे लगता है कि मिस्बाह ये काम कर सकते हैं, क्योंकि उनकी क्षमता भी है लेकिन उन्हें 3 या 4 दूसरे विशेषज्ञों से मदद की जरूरत होगी, जो उन्हें निर्णय को सही करने में मार्गदर्शन को सकता है ।”