जोश हेजलवुड को मिल सकता है प्लेइंग-XI में मौका

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सीरीज निर्णायक मुकाबले में भारत के खिलाफ इस रोबोट गेंदबाज को उतार सकते हैं आरोन फिंच 

सीरीज निर्णायक मुकाबले में भारत के खिलाफ इस रोबोट गेंदबाज को उतार सकते हैं आरोन फिंच

टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही एकदिवसीय सीरीज रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है. पहला मैच ऑस्ट्रेलिया ने जीता तो वहीं दूसरा मैच टीम इंडिया ने जीतकर सीरीज को 1-1 से बराबर कर दिया है. अब सीरीज का निर्णायक मुकाबला बैंगलौ के चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम में 19 जनवरी को खेला जाएगा. इस मैच से पहले पैट कमिंस ने इशारों-इशारों में तेज गेंदबाज हेजलवुड को भारत के खिलाफ खेलाने की बात कही है.

सीरीज निर्णायक मैच में खेल सकते हैं हेजलवुड

जोश हेजलवुड

भारतीय क्रिकेट टीम और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाने वाला सीरीज निर्णायक मुकाबला बैंगलौर के चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाने वाला है. ऑस्ट्रेलिया की टीम की बात करें तो कप्तान आरोन फिंच ने अब तक दोनों मैचों में पहले दो वनडे में ऑस्‍ट्रेलिया ने मिचेल स्‍टार्क, पैट कमिंस और केन रिचर्डसन की तिकड़ी पर भरोसा जताया, लेकिन बेंगलुरु की पिच पर भारतीय बल्‍लेबाजों पर दबाव बनाने के लिए ऑस्‍ट्रेलिया हेजलवुड को खिला सकते हैं.

मैच से पहले तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने कहा, हमारी योजना ज्‍यादा से ज्‍यादा डॉट बॉल डालना है. कुछ विकेट लगातार 5-10 गेंदों पर रन नहीं बनने के बाद आए हैं और बल्‍लेबाज को लगता है कि दबाव बन रहा है.

इन पिचों पर ज्‍यादा विकल्‍प नहीं होते. आप केवल धीमी गेंद डालकर ही लय को तोड़ सकते हैं लेकिन फिर भी यह विकेट दिलाने वाली गेंद नहीं है. इसलिए आप अच्‍छी गेंदबाजी की कोशिश करते हैं, दबाव बनाते हैं और बल्‍लेबाज के गलती करने की उम्‍मीद करते हैं.

हेजलवुड का बेंच पर बैठना दिखाता है हमारी ताकत

जोश हेजलवुड

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने 14 महीने से राष्ट्रीय टीम के लिए कोई एकदिवसीय मैच नहीं खेला है, मगर टेस्ट में वह निरंतर अपनी टीम के लिए विकेट चटकाते रहे हैं. भले ही जोश हेजलवुड ने अभी तक भारत की सरजमीं पर एक भी वनडे मैच नहीं खेला लेकिन ये गेंदबाज एकदिवसीय क्रिकेट में बेहद कंजूसी से गेंदबाजी करता है. पैट कमिंस ने आगे कहा,

डॉट बॉल सोने की तरह है, यदि आप एक ओवर में 2-3 गेंद डॉट डाल देते हैं तो बाउंसर का इस्‍तेमाल करते हैं जो कि विकेट दिलाने वाली गेंद है. बैंगलोर में गेंद काफी बाहर जाती है लेकिन अब ज्‍यादा क्‍या कर सकते हैं.

पिछले 2 सालों में यहां की पिच गेंदबाजों को भी मदद करने लगी है. जोश हेजलवुड जैसे खिलाड़ी का बैंच पर होना हमारी गेंदबाजी की ताकत दिखाता है.

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