अजहर अली

इंग्लैंड के विकेटकीपर-बल्लेबाज जोस बटलर इस समय सुर्ख़ियों में हैं और ऐसा हो भी क्यों न, आखिर बटलर ने काम ही ऐसा किया है. दरअसल, बटलर ने पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में मुश्किल समय में शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिलाई. क्रिस वोक्स के साथ 139 रनों की अहम साझेदारी करते हुए उन्होंने 75 रनों का पारी खेली और पाकिस्तान के हाथों से जीत छीन ली.

अस्पताल में भर्ती थे पिता

पिता अस्पताल में थे, फिर भी मैदान पर उतरे जोस बटलर और इंग्लैंड को दिलाई जीत 1

बटलर के लिए यह आसान नहीं था. उन्होंने मैच में विकेटकीपिंग के समय कई गलतियां की जिसकी वजह से वह दबाव में थे वहीं उन्हें अपने पिता की भी चिंता थी. बटलर को तीसरे दिन रात 10 बजे बताया गया था कि उनके पिता तबियत खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं.

दरअसल, जोस बटलर के पिता की तबियत अचानक खराब हो गई थी जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा था. बटलर की शानदार पारी के बाद उनकी बहन ने ट्वीट करके तारीफ की थी. वहीं टीम के कप्तान जो रूट ने भी तारीफ करते हुए कहा,

‘मैं जानता हूं यह उनके लिए काफी मुश्किल रहा होगा. यह उसकी खूबी है कि दबाव में वह और बेहतर प्रदर्शन करता है. वह फील्ड के दबाव को तो आसानी से झेल लेता है लेकिन फील्ड के बाहर के दबाव को झेलना उसके लिए आसान नहीं है. मुझे लगता है यह उनके करियर की अहम पारियों में शामिल होगी.’

पिता अस्पताल में थे, फिर भी मैदान पर उतरे जोस बटलर और इंग्लैंड को दिलाई जीत 2

बटलर ने की अपनी बल्लेबाजी की तारीफ

जोस बटलर

खुद जोस बटलर भी अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित हुए हैं, मैच के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बटलर ने ऐसा कहा है. बटलर ने इसी विषय पर बोलते हुए कहा,

‘मुझे काफी गर्व है, अगर मैं विकेटकीपिंग में वो मौके ना छोड़ता तो हम दो घंटे पहले मैच जीत जाते. मैं जानता था कि मैंने अच्छी विकेटकीपिंग नहीं की, मैंने मौके छोड़े और इस स्तर पर आप ऐसा करने का खतरा नहीं उठा सकते, चाहे आप कितने ही रन क्यों ना बनाएं.’

शायद ये मैच, मेरा आखरी टेस्ट मैच होता

पिता अस्पताल में थे, फिर भी मैदान पर उतरे जोस बटलर और इंग्लैंड को दिलाई जीत 3

बटलर ने अपनी उस पारी पर चर्चा करते हुए कहा, यदि मैं इस मैच में अच्छा ना खेलता तो शायद यह मेरा आखरी टेस्ट मैच भी हो सकता था. इसी विषय पर बोलते हुए बटलर ने कहा,

‘दिमाग में ख्याल आते रहे थे कि अगर मैंने उतने रन नहीं बनाए, तो शायद मैं अपना आखिरी मैच खेल चुका हूं. लेकिन आपको इन सब बातों को भुलाकर अपना खेल खेलना होता है.’

वोक्स के साथ अपने साझेदारी पर बटलर ने कहा,

‘हमने इसे वनडे चेज की समझा और चार रन प्रति ओवर के हिसाब से खेला, और दूसरी नई गेंद को समीकरण से बाहर करने की कोशिश की. हमें अच्छा मूमेंटम मिला और अच्छी साझेदारी बनी.’

Ashutosh Tripathi

Sport Journalist