के. श्रीकांत ने रचा एक नया इतिहास जो पहले कभी नहीं हुआ

श्रीकांत ने 54 मिनट तक चले बेहद मुसीबत भरे मुकाबले में अपने अब तक के जिंदगी के करियर का पहला इंडिया ओपन खिताब जीता.

और जब ये मैच शुरू भी नहीं हुआ था तभी इसके शुरू होने से पहले गेम से ही इस मैच के संघर्षपूर्ण रहने का एहसास हो गया था.एक्सेलसेन ने यहाँ तक बल्कि  लगातार पांच अंक लेते हुए पहले 14-10 से बढ़त ले ली.जबकि जब गेम शुरू हुआ तब पहले मैच में एक्सेलसेन की बढ़त एक समय 20-14 हो गई थी और उन्हें जीत केलिए सिर्फ एक अंक लेने बाकि रह गए थे वो सिर्फ एक ही अंक से पीछे थे , लेकिन श्रीकांत ने अपनी हिम्मत नहीं छोड़ा और लगातारअपने जोश के साथ चार अंक अर्जित किए.

इसे तरह पहला गेम खत्म हुआ और उसके नतीजे के हिसाब से एक्सेलसेन अंतत: पहला गेम जीतने में सफल रहे.

दूसरे गेम में श्रीकांत ने अपनी और हिम्मत दिखाई बिना हौसला टूटे और जोश को तेज करते हुए लगातार सात अंक अर्जितकर 12-4 की बढ़त ले ली. एक्सेलसेन इस स्कोर को घटाकर 12-14 तक लाने में पूरी तरह से सफलरहे, लेकिन श्रीकांत ने एक बार फिर लगातार पांच अंक अर्जित कर अपना बढ़तको 19-12 पर पहुंचाया और आखिरी में अपने जोश के साथ गेम जीत लिया.और ये ख़िताब अपने नाम कर लिया

अंत में आखिरी और तीसरे निर्णायक मैच में दोनों खिलाड़ियों के बीच जमकर एक दुसरे से आमना सामना हुआ . एक वक़्त ऐसा आया जब  10-12 से पिछड़ रहे श्रीकांत ने जबरदस्त वापसी करते हुए लगातार 11 अंकहासिल कर पुरे गेम को पलट दिया और गेम को अपने नाम करने के साथ ही खिताब पर कब्जा कर लिया.

 

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