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जब एक दुर्घटना के कारण भारत ने खो दिया एक ऐसा गेंदबाज़, जो अपने दम पर मैच जिताने का रखता था माद्दा 

जब एक दुर्घटना के कारण भारत ने खो दिया एक ऐसा गेंदबाज़, जो अपने दम पर मैच जिताने का रखता था माद्दा

वैसे तो आईपीएल को अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रवेश करने का एक बहुत बड़ा द्वार माना जाता है. मगर दूसरी ओर आईपीएल की ये भी सच्चाई है की इसमें खिलाड़ी बहुत जल्दी गुमनाम भी हो जाते है. किन्ही एक दो सत्रों में अच्छा प्रदर्शन कर धूम मचाने वाले कई  खिलाड़ियों का आज आईपीएल में नाम भी सुनने को नहीं मिलता है. बेशुमार दौलत से भरपूर हर साल होने वाले इस टी20 लीग ने भले ही कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचाया हो लेकिन कई एेसे भी हैं. जो इस लीग में कुछ वक्त चमकने के बाद गुमनामी के अंधेरों में खो गये. IPL 2017: 5 कारण आखिर क्यों शेन वॉटसन को आरसीबी टीम से बाहर किया जाना चाहिए

उन्ही खिलाड़ियों में शामिल है ‘टारनेडो’ के नाम से मशहूर हुए बाएं हाथ के तेज गेंदबाज कामरान खान. इन्होने 2009 में टी20 लीग में राजस्थान की तरफ से पदार्पण किया और उसके एक दो साल बाद ही वह गुमनाम हो गए.

मगर कामरान खान ने उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा है, पिछले पांच साल से टी20 लीग से दूर चल रहे कामरान आश्वस्त हैं, कि वह जल्द ही वापसी करेंगे और इसके लिये कड़ी मेहनत कर रहे हैं. फिलहाल एक चीज जो उनके खिलाफ जा रही है, वह है किस्मत उनका कहना है, कि पिछले साल उनकी बातचीत टी20 लीग फ्रेंचाइजी ‘दिल्ली’ से चल रही थी और उसके शिविर में हिस्सा भी लिया था लेकिन एेन वक्त पर वह एक दुर्घटना में चोटिल हो गये.

वर्ष 2009 में टी20 लीग में राजस्थान की तरफ से पदार्पण करते हुए अपने जानदार प्रदर्शन से अचानक सुर्खियों में आये कामरान ने बातचीत में कहा, कि वह चोट से उबरकर इस वक्त अमरोहा के डीएनएस कालेज स्थित एकेडमी में कड़ी मेहनत कर रहे हैं और उन्हें विश्वास है, कि वह जल्द ही वापसी करेंगे.IPL10: मैदान पर हो ही गयी इरफ़ान पठान की वापसी, बैंगलोर के खिलाफ करेंगे आईपीएल 10 का आगाज़

फिलहाल वह एयर इंडिया और मुंबई के पैयडे क्लब से खेलते हैं. वर्ष 2009 में रायल्स के कप्तान और कोच शेन वार्न ने एक खास गेंदबाजी एक्शन वाले कामरान को उनकी खूबी की वजह से टोर्नेडो का नाम दिया था, चोटिल होने के बाद वर्ष 2010 में रायल्स में वापसी करने वाले 26 वर्षीय कामरान ने साल 2011 में पुणे वारियर्स की तरफ से चार मैच खेले वह 2013 तक टीम से तो जुड़े रहे लेकिन मैदान पर नहीं उतरे उसके बाद वह गर्दिश में खो गये.

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