दानिश कनेरिया

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने कुछ दिनों पहले कश्मीर के लोगों के प्रति हमदर्दी दिखाते हुए भारत व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जहर उगला था. जिसपर भारतीय खिलाड़ियों ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया था. मगर अब पाकिस्तान क्रिकेट टीम के हिंदु खिलाड़ी दानिश कनेरिया ने भी भारत के खिलाफ आग उगलने के लिए अफरीदी को आड़े हाथ लिया और क्रिकेट छोड़ने की सलाह दी.

राजनीति करनी है तो छोड़ दें क्रिकेट

शाहिद अफरीदी

शाहिद अफरीदी ने कोरोना वायरस के दौरान पीओके पर खड़े होकर भारत के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिया था. इस भारत में उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डरपोक व बीमारी से पीड़ित बताया था. इसपर भारत के खेल जगत के खिलाड़ियों ने अफरीदी को करारा जवाब दिया था. मगर अब उनके हमवतन हिंदु खिलाड़ी ने भी उनकी इस हरकत पर प्रतिक्रिया दी है. इंडिया टीवी से बात करते हुए दानिश कनेरिया ने कहा,

“शाहिद अफरीदी को किसी भी मामले में बोलने से पहले सोचना चाहिए. अगर उन्हें राजनीति में आना है तो उन्हें क्रिकेट से सारे कनेक्शन तोड़ देने चाहिए.

अगर आप नेताओं की तरह बात करते हैं तो आपको क्रिकेट से दूर रहना चाहिए. इस तरह के भाषण से पाकिस्तान क्रिकेट की गलत छवि ना सिर्फ भारत में बनती है बल्कि पूरी दुनिया में पाकिस्तान क्रिकेट का नाम खराब होता है.”

ये कैसी दोस्ती

कोरोना वायरस से इस वक्त पूरी दुनिया जूंझ रही है. पाकिस्तान में भी इस महामारी ने विक्राल रूप ले लिया है. कुछ वक्त पहले शाहिद अफरीदी ने कोरोना संक्रमण के खिलाफ छिड़ी जंग में भारत से फंड मांगा था. भी हरभजन सिंह और युवराज सिंह ने ना केवल फंड डोनेट किया था बल्कि सोशल मीडिया के जरिए और लोगों को भी डोनेट करने के लिए कहा था. बाद में युवी-भज्जी को अपने देश के फैंस की नाराजगी भी झेलनी पड़ी थी. अब इस बारे में कनेरिया ने कहा, ‘

“आपने उनसे पहले मदद की अपील की और मदद मिलने के बाद आपने उनके देश और प्रधानमंत्री के बारे में ऐसी बातें कहीं, यह कैसी दोस्ती है?”

शाहिद अफरीदी ने क्या कहा था?

शाहिद अफरीदी

ये कोई पहली बार नहीं था जब शाहिद अफरीदी ने भारत व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जहर उगला हो. इससे पहले भी वह कई बार पीएम मोदी पर सीधे वार कर चुके हैं. इस बार पीओके पर खड़े होकर उन्होंने अपने बयान में कहा था कि,

एक बहुत बड़ी बीमारी दुनिया में फैली हुई है. लेकिन, इससे भी बड़ी बीमारी मोदी के दिलो-दिमाग में है. यह बीमारी मजहब की है. वे मजहब को लेकर सियासत कर रहे है. सालों से कश्मीर में हमारे भाई-बहनों और बुजुर्गों पर जुल्म कर रहे हैं. उन्हें इसका जवाब देना होगा.

वैसे तो मोदी दिलेर बनने की कोशिश करते हैं. लेकिन, वो डरपोक हैं. छोटे कश्मीर के लिए उन्होंने अपनी 7 लाख फौज तैनात की है. जबकि पाकिस्तान की कुल फौज ही 7 लाख है. लेकिन उन्हें यह नहीं पता है कि पाकिस्तानी फौज के पीछे उनके 22-23 करोड़ लोग खड़े हैं. कश्मीर में भी जो लोग पाकिस्तानी फौज का साथ दे रहे हैं, उन्हें सलाम करता हूं.