कपिल देव ने बीसीसीआई को हर फार्मेट के लिए अलग कप्तान नियुक्त करने का सलाह दिया

1983 विश्वकप विजेता टीम इंडिया के कप्तान रहे कपिल देव ने कहा के भारत को भविष्य में खेल के विभिन्न स्वरूपों को अपनाना होगा । अगर हम भरतिया क्रिक्केट की बात करे तो, महेंद्र सिंह धोनी वनडे और टी 20 में भारत की अगुवाई कर रहे है, और कोहली टेस्ट की जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे है ।

55 वर्षिया दिग्गज खिलाडी ने कहा के, ‘’ हर टेस्ट खिलाडी टी 20 में कप्तान नाही हो सकता, और हरेक टी 20 का कप्तान जरुरी नहीं के टेस्ट में बेहतरीन तरीके से अगुवाई कर सके । टेस्ट में ये इतना आसन नही होता है, हमे इसपर बिचार करना होगा । मै आशा करता हु के मेरा देश और क्रिकेट बोर्ड दो या तीन कप्तानो के चुनाव पर बिचार करेगा, जिस्से हमे खेल में बहोत मदत मिलेगी ।‘’

उन्होंने टेनिस पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा की आज के इस नये दौर में हमे न खेलने वाले कप्तान की न्युक्ति पर विचार करना चाहिए, जैसा की टेनिस के खेल में होता है ।  

उन्होंने जोर देते हुए कहा की, ‘’ भविष्य में एक ऐसा दौर आएगा जब हमारे पास ऐसे कप्तान होंगे जो बाहर रह कर खेल का बेहतर आंकलन कार सकेंगे । तन्क्निके बहोत तेज़ी से बदल रही है । और अब क्रिकेट में भी मैन मैनेजमेंट की अवाशाक्त है, और सीनियर क्रिकेटर अब कोच हो सकते है । क्रिकेट में एक चीज बहोत अच्छी है के यहाँ हर कोई एक्सपर्ट है, ओर मेरे हिसाब से यही कारण है की ये खेल इतना लोगप्रिय है । हमारे देश में हर कोई चुनावकर्ता है, और अपनी राय देते है । ‘’

इसके अलावा, उपयुक्त समय पर खेना छोड़ने के महत्व के बारे में पूर्व क्रिकेटर चैपल के बयान की तारीफ करते हुए कपिल ने कहा, “चैपल ने एक बात कही थी जिसकी मैं प्रशंसा करता हूँ , जो खिलाड़ी अपने समय से अधिक दिनों तक खेलता है, तो वह आने वाली तीन पीढियो को ख़तम कर देता है ।‘’

उन्होंने आगे कहा की मुझे लगता की भारत का प्रशासक भी इस सिधांत के साथ आगे बढ़ेंगे  । 

यह प्रमाणीत है के खेल के तीनों प्रारूपों को अलग प्रकार पर खेला जाता है, इस तथ्य को देखते हुए, इस पूर्व महान आलराउंडर द्वारा दिए गए सुझाव पर विचार करना महत्वपूर्ण प्रतीत होता है। कौन जानता है,  यह उपयोगी साबित हो – विशेष रूप से पिछली सीरीज में टीम इंडिया द्वारा खराब गेंदबाज़ी को मद्दे नज़र रखते हुए  ।  

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