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केविन पीटरसन को लेकर आपस में ही भिड़े सबा करीम और अमिताभ चौधरी

पुराने खिलाड़ियों को नजरअंदाज किए जाने से बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी नाराज हो गए हैं. 12 जनवरी को पुरस्कार समारोह के दौरान वार्षिक एमएके पटौदी स्मृति व्याख्यान होना है. जिसके लिए इंग्लैंड के केविन पीटरसन को चुना गया है.

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अमिताभ चौधरी को ये बात सही नहीं लगी है और इसको लेकर उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त की है. वह केविन पीटरसन के चुने जाने से काफी हैरान हैं.

अमिताभ चौधरी ने कहा पटौदी स्मृति व्याख्यान है या सर लेन हटन व्याख्यान

केविन पीटरसन को लेकर आपस में ही भिड़े सबा करीम और अमिताभ चौधरी 1

चौधरी ने पीटरसन के संदर्भ में लिखते हुए कहा ‘‘महाप्रबंधक की खुशी ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया कि यह एमएके पटौदी स्मृति व्याख्यान है या सर लेन हटन व्याख्यान या इस संदर्भ में सर फ्रैंक वूली स्मृति व्याख्यान है”

इससे पहले अमिताभ चौधरी ने ईरापल्ली प्रसन्ना, अब्बास अली बेग, नारी कॉन्ट्रैक्टर के नाम सुझाए थे. जो टाइगर पटौदी के साथ खेले थे.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनायी गयी प्रशासकों की समिति के एक अधिकारी भी नाराज हैं. इसको लेकर उन्होंने पूर्व भारतीय क्रिकेटर करीम से कुछ सवाल भी पूछे हैं.

बता दें इससे पहले करीम ने घोषणा की थी कि उन्हें ”यह घोषणा करते हुए खुशी है कि केविन पीटरसन एमएके पटौदी स्मृति व्याख्यान देने पर सहमत हो गए हैं.”

सीओए के अधिकारी ने करीम से ये सवाल पूछे 

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बेंगलुरू में आठ मई को इस विषय पर बिना किसी चर्चा के चार नामों की सूची कैसे सामने आ गई ? सूची में 75 प्रतिशत नाम विदेशी खिलाड़ियों के क्यों हैं ? व्याख्यान देने के लिए प्रांसगिकता के बारे में विस्तार से नहीं बताया गया ? जब सीओए विनोद राय ने कहा था कि वह अन्य नामों पर विचार करने के लिये तैयार हैं तब संगकारा की अनुपलब्धता के बारे में क्यों नहीं बताया गया ? किस अधिकार के आधार पर पीटरसन का नाम तय किया गया, जबकि ऐसा करने के लिये अनुमति नहीं ली गई ?

कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने करीम पर आरोप लगाते हुए कहा है, कि उन्होंने सीओए को उनके सुझाव नहीं बताए और वह एकतरफा फैसले कर रहे हैं.