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KKR vs RPS: धोनी की टीम के हारने के पांच प्रमुख कारण 

KKR vs RPS: धोनी की टीम के हारने के पांच प्रमुख कारण

क्रिकेट डेस्क। सूर्यकुमार यादव (60) के करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी की बदौलत कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) ने आईपीएल-9 के रोमांचक मैच में रविवार को राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स (आरपीएस) को दो विकेट से हरा दिया। इसी के साथ केकेआर ने जीत का चौका लगाया। केकेआर की पांच मैचों में यह चौथी जीत रही जबकि आरपीएस की इतने ही मैचों में चौथी हार।

आइए नजर डालते है उन कारणों पर जिन्होंने धानी की कप्तानी वाली आरपीएस को हार का स्वाद चखा दिया।

धीमी गति से रन बनाना
डू प्लेसिस के आउट होने के बाद भले ही रहाणे और स्मिथ ने अच्छी साझेदारी की हो लेकिन एक लिहाज से यह खराब भी रही और वह है रन‍गति का ना बढ़ना। राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स ने पावरप्ले में 1 विकेट खोकर मात्र 31 रन बनाए जो इस फॉर्मेट के लिहाज से बहुत ही कम हैं। आरपीएस को 50 रन का आंकड़ा छूने में 8.3 ओवर का वक्त लगा। इस रनगति के कारण ही टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी और अंत में केकेआर ने उसे हासिल कर लिया।

मध्यक्रम का एकदम से बिखरना
रन के लिए टीम पहले ही संघर्ष कर रही थी ऐसे में स्मिथ (31) ने अपना विकेट खो दिया। इसके बाद परेरा ने बुरी तरह निराश किया और 12 रन बनाकर अपना विकेट खो बैठे। परेरा के बाद रहाणे ने रनगति बढ़ाने की कोशिश की तो वो भी अपना विकेट खो बैठे। इसके बाद धोनी ने कुछ बड़े शॉट खेलने के उद्देश्‍य से मॉर्केल को भेजा लेकिन वो भी सफल नहीं हुए और 16 रन बनाकर आउट हो गए। मध्यक्रम के इस तरह से बिखर जाने के कारण टीम अच्छा स्कोर नहीं बना सकी और उसे हार का सामना करना पड़ा।

अश्विन का फ्लॉप शो जारी
आरपीएस की गेंदबाजी इस समय संघर्ष कर रही है और उसका कारण है उसके गेंदबाजों का न चलना। इन गेंदबाजों में सबसे ऊपर नाम आता है आर अश्विन का जिनके ऊपर धोनी बहुत विश्वास करते है और बहुत ही अहम मौके पर उनके हाथों में गेंद थमाते हैं। लेकिन अश्विन बिलकुल भी असरकारक साबित नहीं हो रहे हैं। आज भी उन्होंने 2 ओवर में 21 रन लुटाए। आरपीएस के लिए अश्विन का न चलना एक बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है।

फील्डिंग में भी टीम कर रही संघर्ष
आरपीएस ऐसा नहीं सिर्फ गेंदबाजी में ही संघर्ष कर रही हो। फील्डिंग में भी उसका बहुत बुरा हाल है। आज भी मैच का रुख बदल सकता था और कुछ रन बचाकर मैच को अपनी ओर मोड़ा जा सकता था पर ऐसा नहीं हुआ। बहुत सारे ऐसे थ्रो धोनी को मिले जिन्हें वो रनआउट में बदलने में नाकाम रहे क्योंकि थ्रो सही जगह नहीं मिल रहे थे।

टॉस हारना एक बार फिर पड़ा भारी
केकेआर के कप्‍तान गौतम गंभीर ने टॉस जीतकर आरपीएस को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। केकेआर के लिए यह निर्णय सही साबित हुआ क्योंकि आरपीएस जिस औसत से रन बना रही थी उससे साफ हो गया था कि वह एक बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच पाएगी। आरपीएस को अपने 100 रन पूरे करने में 15 ओवर का समय लग गया और यह निश्चित हो गया कि अब टीम बहुत बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच पाएगी। केकेआर को एक आसान लक्ष्य मिला जो उन्होंने हासिल कर लिया।

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