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लोकेश राहुल ने खुले शब्दों में दी करुण नायर को चुनौती 

लोकेश राहुल ने खुले शब्दों में दी करुण नायर को चुनौती

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खत्म हो चुकी हैं. भारतीय टीम ने विराट कोहली की कप्तानी में इंग्लैंड की टीम को 4-0 के बड़े अंतर से हरा कर इंग्लैंड की टीम का सफाया कर दिया.

टीम की जीत में सभी खिलाड़ियों का योगदान अमूल्य रहा. चेन्नई टेस्ट में भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज़ लोकेश राहुल इंग्लैंड के विरुद्ध खेलते हुए एक शानदार शतकीय पारी खेली थी. लोकेश राहुल ने लाजवाब  199 रन का स्कोर किया था, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से मात्र एक रन से अपने अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट करियर के पहले दोहरे शतक से चुक थे.

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राहुल भारत के लिए 199 के स्कोर पर आउट होने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं. अभी हालही में इंडिया टुडे को दिए अपने एक इंटरव्यू में लोकेश राहुल ने अपनी इस पारी में बारे में बात करते हुए कहा, कि

”क्रिकेट एक मजेदार खेल है. मैंने चोट से उबरकर भारतीय टेस्ट टीम में वापसी की थी. विशाखापत्तनम टेस्ट मैच से जब मैंने टीम में वापसी की थी तब मैं शून्य पर आउट हो गया था, तब सभी को लगा की मेरी फॉर्म जा चुकी हैं. टीम में वापसी करना मेरे लिए किसी बड़ी चूनौती से कम नहीं था. टीम में एक बार फिर से वापसी करते हुए मैंने अच्छा खेल दिखाया.”

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के.एल.राहुल के अनुसार

”चेन्नई में मैंने बढ़िया 199 रनों की पारी खेली. हाँ मैं दोहरा शतक बनाने से केवल एक रन से चूक गया. पर यह खेल का हिस्सा हैं. जरुरी नहीं आपके साथ हर बार वही हो जो आप पाना चाहते हैं.”

जब राहुल से पूछा गया कि 200 रन के करीब पहुंचने पर आपके दिमाग में क्या चल रहा था तो इस पर दाएं हाथ के बल्लेबाज ने कहा,

”आप ऐसा कह सकते हैं, कि मेरा दिमाग रुक सा गया था. बल्लेबाज की जिंदगी में कुछ ही पल होते हैं जब वह बहुत उत्सुक या घबराया हुआ होता है. यह तब होता हैं जब बल्लेबाज को खाता खोलने वाला होता है और जब वह शतक या दोहरा शतक बनाने के करीब होता हैं.”

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राहुल ने कहां,

”मैं उम्मीद कर रहा था, कि गेंद मिडिल या ऑफ़स्टंप की तरफ आएगी. यह बिलकुल नहीं सोचा था कि गेंद इतनी बाहर की ओर आएगी. मैं आधा शॉट खेलने पहुंच गया था और फिर पीछे हटने का फैसला किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. आप गलतियों से काफी सीखते हैं और मैं सीखकर खुश हूं.”

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अंत में लोकेश राहुल ने कहां, कि

”जब मैं अगली बार बल्लेबाजी करने उतरूंगा तो करुण नायर या वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश करूंगा. करुण ने तिहरा शतक लगाकर हम सबके सामने पैमाना स्थापित कर दिया है. यह अच्छा है, कि टीम में इस प्रकार की प्रतिस्पर्धा है.”

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