महेंद्र सिंह धोनी की जगह पंत या किशन नहीं बल्कि इस खिलाड़ी को देना चाहिए मौका 1

भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी का करियर अब अंतिम पड़ाव पर है। उन्हें टी-20 टीम से ड्रॉप भी कर दिया गया है। युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को उनके विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। टी-20 टीम में धोनी की जगह उन्हें ही मौका मिला है। टेस्ट मैचों में भी उन्होंने अच्छी बल्लेबाजी की है। उन्हें 3 वनडे मैच खेलने का मौका मिला है। अंतिम मैच में उनके पास लंबी पारी खेलने का मौका था लेकिन गलत शॉट खेलकर आउट हो गए। पंत जिस तरह के बल्लेबाज हैं उनसे जिम्मेदारी भरी पारी की उम्मीद करना मुश्किल ही है।

भारत के पास एक और विकल्प

इन सब के बीच भारत के पास एक ऐसा विकल्प है जो धोनी की जगह ले सकता है। वह खिलाड़ी है केएल राहुल। राहुल सलामी बल्लेबाज हैं लेकिन रोहित शर्मा और शिखर धवन के होते हुए उन्हें टीम में जगह नहीं मिल रही।

महेंद्र सिंह धोनी की जगह पंत या किशन नहीं बल्कि इस खिलाड़ी को देना चाहिए मौका 2

2016 में वनडे डेब्यू करने वाले राहुल को 2 साल में सिर्फ 13 वनडे मैच खेलने का मौका मिला है। टी-20 में भी उनका कोई स्थान पक्का नहीं है। इस समय दुनिया में टी-20 अंतरराष्ट्रीय के सबसे अच्छे बल्लेबाजों में राहुल का नाम आता है।

विकेटकीपर के तौर पर भी सफल

केएल राहुल 2010 अंडर 19 विश्व कप में विकेटकीपर के रूप में टीम में शामिल थे। उन्होंने घरेलू टीम कर्नाटक और आईपीएल में भी विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी निभाई है। इसके साथ ही उनमें लंबी और दबाव में बल्लेबाजी करने की भी क्षमता है।

महेंद्र सिंह धोनी की जगह पंत या किशन नहीं बल्कि इस खिलाड़ी को देना चाहिए मौका 3

वह जरुर सलामी बल्लेबाज हैं लेकिन उन्हें विकेटकीपर के रूप में तैयार किया जा सकता है। धोनी के बाद भारतीय टीम को नंबर 5 पर एक ऐसा बल्लेबाजी चाहिए जो मैच को फिनिश कर सके और मुश्किल परिस्थिति में बल्लेबाजी कर सके। पंत की क्षमता पर किसी को शक नहीं है लेकिन वह कभी भी अपना विकेट फेंक सकते हैं।

तीनों फॉर्मेट में राहुल की जगह

केएल राहुल

टेस्ट में भारत के पास मुरली विजय, पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल जैसे सलामी बल्लेबाज हैं। राहुल यहाँ नंबर 6 पर बल्लेबाजी कर सकते हैं। क्योंकि टेस्ट में 80 ओवर के बाद नई गेंद आती है और उन्हें इसे खेलने का काफी अनुभव है।

टी-20 में किसी बल्लेबाज को कहीं भी खिलाया जा सकता है। राहुल के पास वह क्षमता है कि नीचे आकर तेजी से रन बना कसते हैं। वनडे मैच में नंबर 5 पर खेलने के लिए उन्हें मेहनत करनी पड़ेगी। यहाँ कई बार मुश्किल परिस्थिति में बल्लेबाजी आती है लेकिन करीब 4 साल के अंतरराष्ट्रीय अनुभव के बाद राहुल वहां जरुर सफल हो सकते हैं। उन्हें जिस तरह बेंच पर बैठाया जा रहा है वैसे खिलाड़ी का करियर खराब होने के अलावा कुछ नहीं होता।

 

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