भुवनेश्वर कुमार ने कुलदीप और चहल का लिया इंटरव्यू, दोनों ने खोले कुछ ऐसे राज जिससे प्रसंशक थे अनजान

vineetarya / 06 February 2018

भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका की जमीन पर ही साउथ अफ्रीका की टीम को 6 वनडे मैचों की सीरीज के शुरूआती दो वनडे मैच हरा दिए है. भारतीय टीम की इस बड़ी कामयाबी पर भारत के दो युवा स्पिनर युज्वेंद्र चहल और कुलदीप यादव का एक बड़ा हाथ रहा है.

इसी बीच भारतीय टीम के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने दुसरे वनडे की जीत के बाद भारत के दोनों युवा स्पिनर युज्वेंद्र चहल और कुलदीप यादव का एक बड़ा ही रोचक इंटरव्यू लिया है.

भुवनेश्वर, कुलदीप से : आपकों पहली बॉल पर ही विकेट मिला इसके बारे में क्या कहेंगे?

कुलदीप : हाँ, मैं अपना हाथ खोल ही रहा था, कि मुझे विकेट मिल गया, लेकिन वह उतना अच्छा बॉल नहीं था, लेकिन क्रिकेट में कई बार आपकों अच्छी बॉल में भी विकेट नहीं मिलता है और कई बार खराब बॉल में भी विकेट मिल जाता है.

भुवनेश्वर : जब आपकों पहले ही ओवर में दो विकेट मिले तो आपके दिमाग में फिर क्या था, कि इन्हें जल्दी से आउट करना है या रन रोकने है.

कुलदीप : मैं ये सोच रहा था कि बॉल को विकेट टू विकेट रखु और अपने वेरिएशन को यूज करू,  मैं टीम के लिए विकेट निकलना चाहता था, क्योंकि पहले से ही रन तो काफी रुके हुए थे.

भुवनेश्वर, चहल से : भुवनेश्वर ने चहल को टीम का ‘द रॉक’ बताते हुए उनसे पूछा, आपने पांच विकेट लिए है तो इसे लेकर आपकों कैसा महसूस हो रहा है?

चहल : काफी अच्छा महसूस हो रहा है और ज्यादा अच्छा इसलिए महसूस हो रहा है, क्योंकि साउथ अफ्रीका टीम वर्ल्ड की नंबर एक टीम है. यह एक महत्वपूर्ण सीरीज है और इस सीरीज में पांच विकेट लेकर मैं बहुत खुश हूं और मुझे काफी अच्छा महसूस हो रहा है. मैंने टी20 में पांच विकेट लिए हुए है, लेकिन वनडे में यह मेरा पहला था. इसलिए मेरा यह पहला पांच विकेट हाँल काफी खास है.

भुवनेश्वर : एशिया की पिचों से बाहर गेंदबाजी करने के लिए क्या आपने कुछ स्पेशल तैयारियां की थी?

कुलदीप : कुछ ऐसी खास तैयारी तो नहीं थी, लेकिन हमें इतना पता था कि विकेट यहाँ के तेज होते है और इससे हमें भी बॉल तेज जाने से मदद मिलेगी, क्योंकि भारत की पिचों में बल्लेबाजों को हमारी गेंद समझने के लिए काफी टाइम मिल जाता, क्योंकि बॉल स्लो आता है, लेकिन यहां हमें बॉल पर बाउंस मिल रहा है और बॉल तेजी से टर्न हो रही है जिससे बल्लेबाज हमारे खिलाफ बैकफुट में नहीं खेल पा रहा है. मुझे तो भारत से भी अच्छे लग रहे है यहां के विकेट और मुझे यहां गेंदबाजी करने में मजा आ रहा है.

भुवनेश्वर : क्या आपने साउथ अफ्रीका की मजबूती को देखते हुए कोई तैयारी की थी?

चहल : मैं पहले यहां इंडिया ए की टीम के साथ आया था. मुझे आईडिया था कि यहां का विकेट कैसा होगा. इन विकेटों में अच्छा बाउंस है और बॉल तेजी से निकल रहा है तो हमें इस चीज का बहुत फायदा मिल रहा है.

भुवनेश्वर : क्या आप दोनों के दिमाग में एक-दुसरे के लिए मैदान पर प्रतिस्पर्धा रहती है. क्या आप ऐसा सोचते है मैं इससे कम रन दू और इससे ज्यादा विकेट निकालू?

चहल : हम दोनों एक-दुसरे की कामयाबी को एंजॉय करते है और हम दोनों में जो भी पहले गेंद डालता है तो हम एक-दुसरे को बताते है, कि विकेट ऐसा है और किस बल्लेबाज को कैसे गेंदबाजी करनी है. हम पहले भी एक साथ खेले है इसलिए हम दोनों ही एक-दुसरे के खेल का पूरी तरह आनंद उठाते है.

भुवनेश्वर : इन पिचों पर वेरिएशन कितना जरुरी है?

कुलदीप : अपनी गेंदों पर वेरिएशन करना विकेट और बल्लेबाज पर भी डिपेंड करता है. हमें बल्लेबाजों को रीड करना पड़ता है कि वह कैसा शॉट खेलने को देख रहा है और उसके बाद ही अपनी गेंदों में वेरिएशन करना पड़ता है.

मेरी और चहल की यही कोशिश होती है कि हम टीम को मिडिल ओवर में विकेट निकालकर दे इसलिए हम हमेशा विकेट निकालने के लिए ही जाते है अगर हम विकेट निकालते है तो रन भी रुकते है. वेरिएशन हम कभी- कभी यूज करते है और कभी-कभी नहीं करते है. जब हमें लगता है कि सब नार्मल चल रहा है तो हम नार्मल ही गेंदबाजी करते है लेकिन जब बल्लेबाज कुछ ट्राई करने की ओर देखता है तो हमें वेरिएशन करना पड़ता है.

भुवनेश्वर : डेथ में आप किस तरह की गेंदबाजी दिमाग में रखकर करते है आपने आईपीएल में भी डेथ में गेंदबाजी की है आप यहां भी क्या सोचकर डेथ में गेंदबाजी करते है?

चहल : मैं डेथ ओवर में फ्लोटर व गेंद को बाहर रखने की कोशिश करता हूं, ताकि बल्लेबाज अपने क्रीज से आगे निकलने में थोड़ा हिचकिचाये. मुझे इस पर बहुत सफलता भी मिली है. यह भी देखता हूं कि बल्लेबाज कौन सी शॉट को खेलने की ओर देख रहा है और उसका फेवरेट शॉट कौन सा है.

इस ट्विट के जरिये देखे दोनों का पूरा इंटरव्यू