टीम इंडिया से लगातार नजरअंदाज किए जाने के बाद अब कुलदीप यादव ने टीम मैनजमेंट के लिए कही ये बात 1

2017 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने और एक समय टीम इंडिया के मुख्य गेंदबाज रहे कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) को हाल में ज्यादा मौके नहीं दिए जा रहे हैं. चाइनामैन के नाम से मशहूर कुलदीप यादव को 2012 में आईपीएल टीम मुंबई इंडियंस ने खरीद लिया था, लेकिन उन्हें मैदान पर जलवा दिखाने का मौका नहीं मिला. इसके बाद 2014 में कोलकाता नाईट राइडर्स ने उन्हें 40 लाख में खरीद लिया. हालांकि उन्हें प्लेइंग इलेवेन में 2016 में शामिल किया गया. जिस सीजन उनको सिर्फ 6 ही विकेट हासिल हुए. आपको बता दें कि कुलदीप अभी तक 45 आईपीएल मैच खेल चुके और सिर्फ 40 विकेट ही उनके नाम दर्ज हैं.

नहीं मिले ज्यादा मौके

kuldeep yadav

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 91 मैचों में शिरकत कर चुके कुलदीप (Kuldeep Yadav) 170 विकेट ले चुके हैं. अब वो आईपीएल का आगामी सीजन कोलकाता नाईट राईडर्स के लिए खेलते हुए दिखाई देंगे. पिछले आईपीएल के बाद से यादव जी ने एक भी टी20 मैच नहीं खेला है. इंग्लैंड के खिलाफ भी उन्हें सिर्फ एक टेस्ट और दो वनडे में ही खेलने का मौका मिला. वैसे पिछले कुछ सालों में जिस तरह से उनका नाम प्रसिद्ध हुआ था. कुछ महीनो में उन्हें मौके ना के बराबर ही दिए गये. ज्यादा मौके ना मिलने की वजह से उनकी गेंदबाजी में लयबद्धता नहीं रह जाती है. पिछली साल आईपीएल में भी उन्हें सिर्फ 5 मैचों में ही खेलने का मौका मिला था.

नहीं महसूस करते दबाव

chainaman

करियर के बुरे दौर से गुजर रहे और ज्यादा मौके ना मिलने के बावजूद कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) का कहना है कि,

“आप लगातार खेलना चाहते हैं और प्रदर्शन भी करना चाहते हैं. लेकिन, हर समय परिस्थितियां आपके अनुकूल नहीं रहतीं. हर बार टीम की मान अलग-अलग रहती है तो उसी के मुताबिक टीम संयोजन बनाया जाता है. ऐसे में आपको हर बार मौके नहीं मिल सकते. अब यह मुझे ज्यादा असर नहीं करता और ना ही कभी दबाव ही महसूस करता हूं. मैंने हर बार खुद को प्रेरित किया है और यह सीखा है कि कभी हार नहीं माननी चाहिए.”

हमेशा टीम के बारे में ही सोचना चाहिए

kuldeep yadav

चाइनामैन कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) का मानना है कि

“जब आप देश का प्रतिनिधित्व करते हैं तो उस वक्त आपको सिर्फ टीम के बारे में ही सोचना चाहिए. अगर टीम को आपकी जरुरत महसूस होगी और आप उस वक्त सक्षम हैं तो वो आपको खुद ही खेलने के मौके देंगे. अगर उस जगह किसी और खिलाड़ी की जरुरत होगी तो टीम संयोजन उसे खिलाएगा. ऐसे में आपको आत्मविश्वास बनाए रखना होगा. मैंने कभी भी अपनी उम्मीद नहीं खोई और अच्छा गेंदबाजी करने के बारे में ही सोचा. टीम प्रबंधन ने जो भी फैसला किया वो अच्छा ही किया है.”