लद्दाख के खिलाड़ी इस रणजी टीम से खेलते आयेंगे नजर

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जम्मू कश्मीर से अलग होने के बावजूद लद्दाख की नहीं होगी खुद की टीम, खिलाड़ी इस रणजी टीम से खेलते आयेंगे नजर 

जम्मू कश्मीर से अलग होने के बावजूद लद्दाख की नहीं होगी खुद की टीम, खिलाड़ी इस रणजी टीम से खेलते आयेंगे नजर

कश्मीर घाटी में बदतर होते हालातों के मद्देनजर केंद्र सरकार ने वहां से धारा 370 हटाने का ऐलान कर दिया है. 5 अगस्त की तारीख भारत के इतिहास में सुनहरे अक्षरों से लिखी जाएगी क्योंकि यह वही दिन है जिसमें गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा हटाए जाने की घोषणा की. ऐसे में जाहिर है कि मोदी सरकार के इस फैसले से तमाम युवा क्रिकेटरों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई होगी. अब जानिये कि लद्दाख के खिलाडी इस टीम से खेलते नजर आएंगे.

विनोद राय ने लद्दाख के खिलाडियों के लिए दी यह सोचना

लद्दाख

बीसीसीआई फिलहाल दो अलग प्रदेश ईकाइयां बनाने नहीं जा रहा वह लद्दाख को जम्मू कश्मीर की टीम के साथ ही खेलेंगे. फिलहाल अभी तक लद्दाख के किसी भी खिलाडी ने जम्मू कश्मीर में आज तक कोई भाग नही लिया. आगामी रणजी ट्रॉफी सीज़न इस साल के अंत में दिसंबर में शुरू होने वाला है.

 विनोद राय ने कहा कि,

‘‘हम अभी लद्दाख के लिये अलग क्रिकेट संघ नहीं बनायेंगे. उस क्षेत्र के क्रिकेटर बीसीसीआई की सभी घरेलू स्पर्धाओं में जम्मू कश्मीर के लिये खेलेंगे, बीसीसीआई की सभी घरेलू प्रतियोगिताओं में जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व करने के लिए क्वालिफाई करना जारी रखेंगे.”

चड़ीगढ़ की तरह होंगे सब नियम

जम्मू कश्मीर से अलग होने के बावजूद लद्दाख की नहीं होगी खुद की टीम, खिलाड़ी इस रणजी टीम से खेलते आयेंगे नजर 1

चंडीगढ़ भी एक केंद्रशासित प्रदेश है जिसके खिलाड़ी पंजाब और हरियाणा में आ कर रणजी खेलते हैं. ठीक उसी प्रकार लद्दाख के खिलाडी भी जम्मू कश्मीर में ही जा क्र अभी भी खेलेंगे.

आपको बता दें, तमाम राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पहले से ही लड़ाई लड़ रहे हैं कि उन्हें बीसीसीआई से उन्हें स्टेट एसोसिएशन बनाने की मान्यता मिले. इसके बावजूद वह अभी तक अपनी राज्य की टीम को रणजी ट्रॉफी में खेलने की मान्यता बीसीसीआई से नहीं दिला पाए हैं.

हालांकि अभी चंडीगढ़ तो इस कतार में सबसे आगे है। ऐसे में एक और केंद्र शासित प्रदेश के लिए अपनी अलग टीम बनाने के लिए काफी मेहनत करनी होगी.

उन्होंने कहा कि,

‘इस मामले में सब कुछ चंडीगढ की तरह रहेगा जो एक केंद्रशासित प्रदेश है. उसके खिलाड़ी पंजाब या हरियाणा के लिये खेलते हैं.’’

मोहनदास ने ट्वीट् किया

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