मुख्य कोच नहीं बनाये जाने के बाद बल्लेबाजी कोच की रेस में लालचंद राजपूत

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मुख्य कोच नहीं बनाये जाने के बाद बल्लेबाजी कोच की रेस में यह दिग्गज 

मुख्य कोच नहीं बनाये जाने के बाद बल्लेबाजी कोच की रेस में यह दिग्गज

भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज लालचंद राजपूत ने टीम के मुख्य कोच पद के लिए आवेदन किया था। उनके साथ ही 6 अन्य के भी नाम थे और सीएसी ने वर्तमान कोच रवि शास्त्री को ही 2021 टी-20 विश्व कप तक टीम का कोच बनाए रखने का फैसला किया था। अब राजपूत टीम के बल्लेबाजी कोच की रेस में भी हैं।

ये नाम भी शामिल

भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच के लिए कई बड़े नामों ने आवेदन किया है। इसमें इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज जोनाथन ट्रॉट और मार्क रामप्रकाश जैसे नाम शामिल है। इनके अलावा श्रीलंका के पूर्व बल्लेबाज थिलन समरवीरा ने भी आवेदन किया है।

भारतीय नामों में घरेलू मैचों में शानदार प्रदर्शन कर चुके अमोल मजूमदार, सितांशु कोटक और ऋषिकेश कार्णिक का नाम है। वर्तमान बल्लेबाजी कोच संजय मांजरेकर, प्रवीण आमरे और पूर्व चयनकर्ता विक्रम राठौर भी रेस में हैं।

टीम के साथ रह चुके हैं

लालचंद राजपूत भले ही भारतीय टीम के कोच नहीं रहे हैं लेकिन वह काफी समय तक टीम के मैनेजर थे। विश्व कप 2007 में भारत की हार के बाद ग्रेग चैपल को कोच पद से हटा दिया गया था और टीम की बागडोर राजपूत के हाथों में थी।

भारतीय टीम ने 2007 वर्ल्ड टी-20 उन्हें के मैनेजर रहते हुए जीता था। उसके बाद सीबी सीरीज 2008 में भी टीम उन्हीं के अधीन विजेता बनी थी। इसके बाद गैरी क्रिस्टन टीम इंडिया के कोच बनाये गये थे।

बांगर की जगह खतरे में

मुख्य कोच रवि शास्त्री को भले ही दोबारा टीम का मुख्य कोच की जिम्मेदारी मिल गयी है लेकिन संजय बांगर की जगह को खतरा दिख रहा है। वह साल 2014 में भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच बनाये गये थे।

अभी विक्रम राठौर को बल्लेबाजी कोच बनाये जाने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है लेकिन लालचंद राजपूत के अनुभव को देखते हुए उन्हें भी जिम्मेदारी मिल सकती है। आईपीएल 2008 में वह मुख्य इंडियंस के कोच रह चुके हैं वहीं अफगानिस्तान और जिम्बाब्वे के भी कोच रह चुके हैं।

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