अफगानिस्तान छोड़ने के बाद इस रणजी टीम के मुख्य कोच बने लालचंद राजपूत | Sportzwiki Hindi

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अफगानिस्तान छोड़ने के बाद इस रणजी टीम के मुख्य कोच बने लालचंद राजपूत 

अफगानिस्तान छोड़ने के बाद इस रणजी टीम के मुख्य कोच बने लालचंद राजपूत

भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी लालचंद राजपूत जो कुछ समय पहले ही अफगानिस्तान के मुख्य कोच पद से मुक्त हुए हैं, उन्होंने रणजी में असम रणजी टीम के मुख्य कोच पद के रूप में कार्यभार संभाल लिया हैं. लालचंद राजपूत ने भारतीय टीम के कोच पद को भी संभाला हैं और उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच पद के लिए भी आवेदन किया था.
लालचंद राजपूत से पहले असम टीम के कोच पद पर भारतीय टीम के पूर्व स्पिन गेंदबाज सुनील जोशी थे, जिन्होंने बांग्लादेश टीम के साथ स्पिन सलहाकार पद पर नियुक्त होने के बाद असम टीम के कोच पद से इस्तीफा दे दिया था.इंडिया ए के 5 साल तक रहे कोच

लालचंद राजपूत ने भारत ए क्रिकेट टीम के मुख्य कोच का पद पांच साल तक संभाला हैं. भारतीय टीम ने जब पहला टी20 वर्ल्डकप जीता था, तो उस समय टीम के कोच लालचंद राजपूत थे और उसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में सीबी सीरीज में भी इस पद पर काम किया था.

पिछले दो बार से उन्होंने भारतीय टीम के मुख्य कोच पद के लिए आवेदन किया था. 55 साल के लालचंद राजपूत ने अफगानिस्तान के कोच पद को सँभालने के बाद उनके क्रिकेट के स्तर को काफी उपर तक ले जाने का काम किया और कोच पद पर बने रहने के समय तक अफगानिस्तान की टीम को टेस्ट मैच खेलने का भी दर्जा प्राप्त हो गया था.

रणजी टीम को कोचिंग करना अच्छा अवसर

लालचंद राजपूत ने असम टीम के मुख्य कोच पद पर नियुक्त होने के बाद टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए अपने इंटरव्यू के दौरान कहा कि

“मुझे कोचिंग करना बेहद पसंद हैं और असम रणजी टीम को कोचिंग करना मेरे लिये एक अच्छा अवसर हैं, क्योकि मैंने इसी टीम से तीन साल तक खेला भी हैं और उसके बाद कुछ समय तक कोचिंग भी की हैं. मैं इस टीम को काफी बेहतर तरीके जानता हूँ. मैंने जो भी पिछले दो दशकों में कोचिंग का अनुभव कमाया हैं, उसे मैं असम रणजी टीम के खिलाड़ियों के साथ साझा करने की पूरी कोशिश करूँगा. मैं असम रणजी टीम के युवा खिलाड़ियों के साथ जुड़कर काम करने को लेकर काफी उत्साहित हूँ.”

अफगानिस्तान बोर्ड था नाराज

लालचंद राजपूत ने अफगानिस्तान क्रिकेट टीम को अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पहचान दिलाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी, लेकिन इसके बावजूद भी अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड लालचंद राजपूत से खफा था क्योकि उन्होंने टीम को काबुल जाकर ट्रेनिंग देने से साफ तौर पर मना कर दिया था. इसके बाद अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उनके साथ अनुबंध को आगे बढ़ाने से साफ तौर पर मना कर दिया था.

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